जीवन सूक्त : ऐसे बदलो स्वयं को ‘चुपचाप’, लक्ष्य से पहले सुनाई ना दे ‘पदचाप’ – संदीप अखिल
जीवन सूक्त : वास्तविक रूपांतरण का एक ही समीकरण है चुपचाप स्वयं को बदलना। “Be the change you wish to
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