ऑनलाइन सट्टा के मास्टरमाइंड बाबू खेमानी के 1.42 करोड़ के संपत्ति होही कुर्क
Babu Khemani Property Attachment : रायपुर। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा एप 3Stumps चलाय के मामला म आरोपी बाबू उर्फ गुलशन खेमानी ऊपर पुलिस के शिकंजा कस गे हे। न्यायालय ह खेमानी ले जुड़ें करीब 1 करोड़ 42 लाख रुपिया के संपत्ति कुर्क करे के आदेश दे हे। ए संपत्ति छत्तीसगढ़ अउ महाराष्ट्र म स्थित हे। एमा खेती के जमीन, भूखंड, दुकान अउ बैंक खाता म जमा रकम शामिल हे।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के मुताबिक, गंज थाना पुलिस अउ एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) के संयुक्त टीम ह 13 अप्रैल 2026 के ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा एप 3Stumps चलाय वाले गिरोह के खुलासा करे रिहिस। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी गुलशन खेमानी अपन सहयोगी मन के मदद ले कॉल सेंटर, अलग-अलग मोबाइल नंबर अउ बैंक खाता के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चलावत रिहिस।
29 आरोपी मन के हो चुके हे गिरफ्तारी
पुलिस के कहना हे कि सट्टा ले मिले अवैध रकम ला दूसर मन के बैंक खाता म जमा कराय जाय। ए रकम ला बाद म अपन खाता म ट्रांसफर कर लेवय। ए काम के बदला म सहयोगी मन ला कमीशन घलो दिए जाय। ए मामला म मुख्य आरोपी समेत कुल 29 आरोपी मन के गिरफ्तारी हो चुके हे।
एखर पहिली पुलिस करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपिया के कीमत के सामान अउ वाहन जब्त कर चुके हे।
छत्तीसगढ़ अउ महाराष्ट्र के संपत्ति होही कुर्क
मामला के वित्तीय जांच के दौरान पुलिस ह आरोपी मन के संपत्ति अउ बैंक लेन-देन के जांच करे। मिले साक्ष्य के आधार म न्यायालय म संपत्ति कुर्क करे बर आवेदन पेश करे गे रिहिस। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रायपुर ह 16 अक्टूबर 2026 के करीब 1 करोड़ 42 लाख रुपिया के संपत्ति कुर्क करे के आदेश जारी करे हे।
ए संपत्ति म महासमुंद जिला के ग्राम अरंड म 1.78 लाख रुपिया के खेती के जमीन, रायपुर के देवपुरी म 23 लाख रुपिया के भूखंड अउ जोरापारा म 2.50 लाख रुपिया के भूखंड शामिल हे। एखर अलावा महाराष्ट्र के ठाणे जिला के अंबरनाथ म 74 लाख रुपिया के व्यावसायिक दुकान अउ बैंक ऑफ इंडिया के एफडी खाता ले जुड़ें 40.50 लाख रुपिया के रकम घलो शामिल हे।
संपत्ति के लेन-देन ऊपर लगही रोक
न्यायालय के आदेश के पालन करत हुए संबंधित राजस्व अधिकारी, पंजीयन कार्यालय अउ बैंक प्रबंधन ला संपत्ति के हस्तांतरण अउ बैंक म जमा रकम के अंतरण ऊपर रोक लगाय बर चिट्ठी भेजे गे हे। आगे के वैधानिक कार्रवाई बर संबंधित जिला के कलेक्टर मन ला घलो पत्र भेजे गे हे।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के मुताबिक, संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई अब सिर्फ आरोपी मन के गिरफ्तारी तक सीमित नइ हे। अपराध ले कमाय गे रकम, जमीन-जायदाद अउ आर्थिक नेटवर्क के घलो जांच करे जात हे, ताकि अपराध ले मिले आर्थिक फायदा ला खत्म करे जा सके।



