होम Chhattisgarh आज है कृष्ण जन्माष्टमी, करिये लड्डू गोपाल की पूजा
Chhattisgarh

आज है कृष्ण जन्माष्टमी, करिये लड्डू गोपाल की पूजा

WhatsApp Facebook
आज है कृष्ण जन्माष्टमी, करिये लड्डू गोपाल की पूजा

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

आज हिंदू लोग बड़े ही धूमधाम के साथ जन्माष्टमी मनाएंगे. जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र का मिलना भगवान श्रीकृष्ण के जन्मकाल से जुड़ी मान्यता के कारण विशेष महत्व रखता है, धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, वर्ष 2026 में ऐसा संयोग बनने से इस जन्माष्टमी को विशेष बताया जा रहा है। इसी संदर्भ में इसे जयंती योग से भी जोड़ा जा रहा है। हालांकि अलग-अलग पंचांगों और ज्योतिषीय गणनाओं में इस योग की व्याख्या अलग हो सकती है। इसलिए धार्मिक अनुष्ठान के लिए अपने क्षेत्र के पंचांग को प्राथमिकता देना उचित माना जाता है।

IMG-20260904-WA0012-222x300 आज है कृष्ण जन्माष्टमी, करिये लड्डू गोपाल की पूजा

जन्माष्टमी पर क्या न करें ?

 

– जन्माष्टमी के दिन न केवल अपने सात्विक भोजन का ध्यान रखें बल्कि अपने आचरण की शुद्धता का भी ध्यान रखने की परंपरा होती है। जन्माष्टमी पर किसी को अपशब्द, वाद-विवाद, अपमान करने से बचें। इस दिन पूरे घर में शांति और भक्तिमय वातावरण बनाए रखें।

 

ऐसे करें पूजा

 

इस दिन लड्डू गोपाल जी को स्नान कराने के लिए अभिषेक की थाली, पंचामृत के लिए दूध, दही, घी आदि रखें।

गंगाजल, शुद्ध जल भी शामिल करें। साथ ही तुलसी दल, दूर्वा, शंख और घंटी भी रखें।

आप अगरबत्ती, घी का दीपक, अखंड ज्योति, कपूर, रोली, अक्षत, पीला चंदन भी रख लें।

अब पोशाक, रुमाल, मुकुट, कुंडल, मोरपंख, फूल माला, बांसुरी, वैजयंती माला, इत्र, आसन और झूला।

हल्दी, कुमकुम, धूप, माचिस, फूल, धनिया पंजीरी, पंचामृत, सूखे मेवे, मिठाई और नारियल।

पूजा की थाली, मखाने की खीर, मौसमी फल, मक्खन-मिश्री, कलश, लौंग लगा पान का बीड़ा, मौली, लाल या पीला कपड़ा,

खड़ा धनिया, श्रीफल और आरती की थाली। इसके अलावा दान के लिए अपनी क्षमता के अनुसार दान की चीजें भी रख सकते हैं।

 

 

जन्माष्टमी व्रत में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का विशेष महत्व है। इसलिए कई परंपराओं में आधी रात को भगवान के जन्मोत्सव और पूजा के बाद व्रत से जुड़े नियमों के अनुसार आहार ग्रहण किया जाता है, जबकि कुछ परंपराओं में अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण किया जाता है। 2026 में जन्माष्टमी के अवसर पर निशिता काल 4 सितंबर की रात 11:57 बजे से 5 सितंबर की रात 12:43 बजे तक रहेगा। व्रत का पारण 5 सितंबर को सुबह 6:01 बजे के बाद किया जा सकेगा।

The post आज है कृष्ण जन्माष्टमी, करिये लड्डू गोपाल की पूजा appeared first on Ekhabri.com.

Source: Ekhabri

Ekhabri
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)