होम › Chhattisgarh › Chhattisgarh E-Bus Service: छत्तीसगढ़ के 4 शहरों में दौड़ेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें, आज होगा एग्रीमेंट, जानें रायपुर को कितनी मिलेंगी
Chhattisgarh

Chhattisgarh E-Bus Service: छत्तीसगढ़ के 4 शहरों में दौड़ेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें, आज होगा एग्रीमेंट, जानें रायपुर को कितनी मिलेंगी

WhatsApp Facebook
Chhattisgarh E-Bus Service: छत्तीसगढ़ के 4 शहरों में दौड़ेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें, आज होगा एग्रीमेंट, जानें रायपुर को कितनी मिलेंगी

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

41888-chhattisgarh-e-bus-service Chhattisgarh E-Bus Service: छत्तीसगढ़ के 4 शहरों में दौड़ेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें, आज होगा एग्रीमेंट, जानें रायपुर को कितनी मिलेंगी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चार प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता साफ होने जा रहा है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत 240 इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए 11 अक्टूबर 2026 को कंसेशन एग्रीमेंट किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री अरुण साव की मौजूदगी में रायपुर, बिलासपुर, भिलाई और कोरबा नगर निगम तथा चयनित एजेंसी चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड के बीच यह समझौता होगा।

इस योजना से प्रदेश के शहरी सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने और यात्रियों को सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराने की उम्मीद है। बिलासपुर और भिलाई में 1 नवंबर 2026 तक शुरुआती तौर पर 20-20 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

रायपुर को मिलेंगी सबसे ज्यादा 100 इलेक्ट्रिक बसें

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के पहले चरण में छत्तीसगढ़ के चार नगर निगमों के लिए कुल 240 इलेक्ट्रिक बसें प्रस्तावित हैं। शहरों के अनुसार बसों का वितरण इस प्रकार होगा:

रायपुर:- 100 इलेक्ट्रिक बसें

दुर्ग-भिलाई:- 50 इलेक्ट्रिक बसें

बिलासपुर:- 50 इलेक्ट्रिक बसें

कोरबा:- 40 इलेक्ट्रिक बसें

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के अनुसार, बसों के संचालन के लिए जरूरी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से बस सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

अरुण साव की मौजूदगी में होगा कंसेशन एग्रीमेंट

11 अक्टूबर को नवा रायपुर स्थित उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निवास कार्यालय में कंसेशन एग्रीमेंट कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें संबंधित नगर निगमों और चयनित एजेंसी चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड के बीच समझौता होगा।

कार्यक्रम में प्रदेश के आठ नगरीय निकायों के महापौर और आयुक्त शामिल होंगे। इनमें रायपुर की महापौर मीनल चौबे, बिलासपुर की महापौर पूजा विधानी, कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत, दुर्ग की महापौर अलका बाघमार, रिसाली की महापौर शशि सिन्हा, भिलाई के महापौर नीरज पाल, बीरगांव के महापौर नंदलाल देवांगन और भिलाई-चरोदा के महापौर निर्मल कोसरे शामिल हैं।

इसके अलावा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, संचालक नीलेश क्षीरसागर और सूडा के सीईओ सुमीत अग्रवाल भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

1 नवंबर से बिलासपुर और भिलाई में शुरू हो सकती है बस सेवा

योजना के शुरुआती चरण में बिलासपुर और भिलाई में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है। दोनों शहरों में 1 नवंबर 2026 तक प्रतीकात्मक रूप से 20-20 बसें चलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इससे इन शहरों में सार्वजनिक परिवहन के लिए एक नया विकल्प उपलब्ध हो सकेगा। हालांकि, बसों की वास्तविक शुरुआत संबंधित तैयारियों और संचालन व्यवस्था पूरी होने पर निर्भर करेगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी इलेक्ट्रिक बसें

छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इन बसों में कई सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

1-डिजिटल भुगतान:- मोबाइल स्कैनर के माध्यम से किराए का भुगतान करने की सुविधा।

2-ऑनलाइन टिकट:-यात्रियों को ऑनलाइन टिकट लेने की सुविधा मिलेगी।

3-सुरक्षा कैमरे:- प्रत्येक बस में निगरानी के लिए छह कैमरे लगाए जाएंगे।

4- मोबाइल ऐप:- यात्री ऐप के माध्यम से बसों के रूट की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

इन सुविधाओं से यात्रियों को बसों की जानकारी हासिल करने, टिकट लेने और सफर के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का लाभ मिलने की उम्मीद है।

प्रदूषण कम करने और सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने पर जोर

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना का उद्देश्य शहरों में स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने के साथ वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिल सकती है।

छत्तीसगढ़ के चार शहरों में 240 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे नागरिकों को सार्वजनिक परिवहन का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा और शहरों में पर्यावरण के अनुकूल यात्रा सुविधाओं को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

साभार: Asian News Bharat

Asian News Bharat
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)