AI के एंट्री से परीक्षा सिस्टम टाइट, UPSC ह पकड़ीस 569 संदिग्ध फॉर्म, का अब बदलही CGPSC अउ व्यापमं के हाल?
UPSC Rejects 569 Applications : रायपुर: प्रतियोगी परीक्षा मन म साफ-सफाई अउ भरोसा बनाय रखे बर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ह एक बड़े कदम उठाय हे। यूपीएससी ह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मदद ले 569 संदिग्ध अउ डुप्लीकेट (एक ले जादा) फॉर्म मन ल सुरुवाती जांच म ही छांट के बाहर कर दिस हे। देस के सबले बड़े परीक्षा एजेंसी के ए कारवाही के बाद परीक्षा मन म सुरक्षा अउ तकनीकी निगरानी ल लेके एक नवा बहस छिड़ गे हे। एकरे संग अब छत्तीसगढ़ म घलो ए सवाल उठे लागीस हे कि का छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) अउ व्यापमं घलो आने वाला समय म अइसन बड़े तकनीक ल अपनाही?
तकनीकी कमजोरी के उठाथें फायदा
जानकार मन के कहना हे कि प्रतियोगी परीक्षा मन म डमी कैंडिडेट (दूसर के जगह बइठे वाले), फर्जी फॉर्म अउ पहिचान लुका के कतको घाव फॉर्म भरे जइसन गड़बड़ी मन अक्सर तकनीकी कमजोरी के सेती होथे। अभी के समय म जादातर राज्य स्तर के परीक्षा मन सिरिफ बेसिक डेटा मैचिंग सिस्टम (साधारण जांच) के भरोसा चलथें, जिहां एआई जइसन कड़ा पहरा नइ हे। अइसन म अलग-अलग पहिचान पत्र या नाव-पता बदल के करे गय फर्जी कोसिस मन ल पकड़ना अब्बड़ मुस्किल हो जाथे।
का कहथें लइका मन
रायपुर म रहिके परीक्षा के तैयारी करत पढ़इया लइका मन के कहना हे कि जब यूपीएससी जइसन संस्था तकनीक के बल म फॉर्म भरे के बखत ही गड़बड़ी मन ल रोक सकत हे, त हमर राज्य के भरती परीक्षा मन म घलो अइसन ब्यवस्था लागू होना चइही। जानकार मन घलो मानथें कि सीजीपीएससी अउ व्यापमं के अभी के डिजिटल सिस्टम म एआई आधारित डुप्लीकेट डिटेक्शन अउ डेटा एनालिटिक्स टूल जोड़ना कोनो बड़े बात नइ हे। एकर ले परीक्षा सुरु होय के पहिली ही संदेहास्पद प्रोफाइल मन के पहिचान करके ओ मन ल ब्लॉक करे जा सकत हे।
तकनीक के संग मानुस के नजर घलो जरूरी
“आज के समय म परीक्षा मन म पारदर्शिता सबले बड़े जरूरत आय। अगर यूपीएससी जइसन संस्था मन एआई जइसन आधुनिक तकनीक के बढ़िया उपयोग करत हें, त सीजीपीएससी अउ व्यापमं ल घलो समय के संग अपन सिस्टम ल सुधारे बर चइही। एकर ले परीक्षा मन म होय वाले डमी कैंडिडेट, फर्जी फॉर्म अउ दूसर तकनीकी गड़बड़ी मन म अब्बड़ रोक लगही। हुनकर, तकनीक के संग-संग जमीनी स्तर म मानुस के निगरानी घलो ओतके जरूरी हे, ताकि कोनो तकनीकी गलती के सेती मिहनती अउ ईमानदार लइका मन ल दुख झन भोगे बर पड़े।”
— कार्तिकेय पांडे, कोचिंग संचालक
सिस्टम सुधारना अब मजबूरी, रद्दा नइ हे कोनो दूसर
“देस के सबले बड़े संस्था यूपीएससी अब परीक्षा के पूरा काम ल सुरक्षित बनाय बर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहिचाने के तकनीक) अउ एडवांस डेटा एनालिटिक्स के उपयोग बढ़ावत हे। छत्तीसगढ़ के परीक्षा मन म लइका मन के भरोसा बनाय रखे बर अइसन तकनीकी सुधार अब कोनो मर्जी के बात नइ हे, बल्कि अब्बड़ जरूरी हो गे हे। हालांकि, एकर बर मजबूत डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, सधाय हुए स्टाफ, डेटा सुरक्षा अउ जादा बजट जइसन चुनौती मन घलो अगोरा करत हें। तभो ले, युवा मन के बिसवास ल जीते बर सीजीपीएससी अउ व्यापमं ल ए कोती जल्दी कदम बढ़ाना चइही।”



