छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा, 50 काले हिरण गोमर्डा जाएंगे
रायपुर। छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को मजबूत बनाने और वनांचल के ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। अंबिकापुर के संजय पार्क में अत्याधुनिक वन्यजीव ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही संरक्षित वन क्षेत्रों की 18 ग्रामीण सड़कों के उन्नयन की अनुशंसा की गई है। वहीं, बारनवापारा अभयारण्य में काले हिरणों के सफल संरक्षण के बाद 50 काले हिरणों को गोमर्डा अभयारण्य में स्थानांतरित करने की मंजूरी दी गई है।
वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में शनिवार को नवा रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की पहली बैठक आयोजित हुई। बैठक में वन्यजीवों के संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम और वन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीवों के संरक्षण के साथ वनांचल में रहने वाले ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने, घायल वन्यप्राणियों का त्वरित उपचार सुनिश्चित करने और वन क्षेत्रों में सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अंबिकापुर के संजय पार्क में प्रस्तावित आधुनिक वन्यजीव ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर में मानव-वन्यजीव संघर्ष और दुर्घटनाओं में घायल वन्यप्राणियों के बचाव, प्राथमिक उपचार और अल्पकालिक देखरेख की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे घायल वन्यजीवों को समय पर उपचार देने और उनके संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बैठक में संरक्षित वन क्षेत्रों की 18 ग्रामीण सड़कों के उन्नयन संबंधी प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने की अनुशंसा की गई। इनमें पीएम जनमन योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत भोरमदेव अभयारण्य की तीन, इंद्रावती टाइगर रिजर्व की 14 और जशपुर जिले के बादलखोल अभयारण्य की एक सड़क शामिल है। इन सड़कों के उन्नयन से बैगा सहित अन्य विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदायों की बस्तियों तक शिक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़ की जैव विविधता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। बैठक में जनभागीदारी के आधार पर चयनित ‘ऑरेंज ओकलीफ’ तितली को राज्य की पहली राजकीय तितली घोषित करने के प्रस्ताव का परीक्षण पूरा कर आगे की कार्यवाही करने की मंजूरी दी गई। इससे राज्य की समृद्ध जैव विविधता और तितलियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
काले हिरणों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास के विस्तार के लिए 50 काले हिरणों को बारनवापारा अभयारण्य से गोमर्डा अभयारण्य में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। बारनवापारा में काले हिरणों के संरक्षण के सफल प्रयासों के बाद यह कदम राज्य में वन्यजीव संरक्षण को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समिति ने हाथियों और अन्य वन्यजीवों के कारण फसलों को होने वाले नुकसान के मुआवजे की दरों को अद्यतन करने के प्रस्ताव पर भी आगे विचार करने का निर्णय लिया। इसके लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिलावार और फसलवार निर्धारित बीमित राशि को आधार बनाने पर विचार किया जाएगा।
हाथी प्रभावित क्षेत्रों में कच्चे मकानों को पक्के मकानों में बदलने के लिए विशेष मुख्यमंत्री आवास योजना शुरू करने के प्रस्ताव को उच्चस्तरीय बैठक में विचारार्थ रखने के निर्देश भी दिए गए। इससे हाथी प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा और आवास संबंधी समस्याओं के समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है।
बैठक में विधायक धर्मजीत सिंह, गोमती साय और चैतराम अटामी, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक ओ.पी. यादव सहित समिति के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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साभार: Ekhabri


