होम › Technology › छत्तीसगढ़ में ‘चेन्दरू’ पुरस्कार की घोषणा, विनर को मिलेंगे 1 लाख रुपए, राज्योत्सव में होगा सम्मान
Technology

छत्तीसगढ़ में ‘चेन्दरू’ पुरस्कार की घोषणा, विनर को मिलेंगे 1 लाख रुपए, राज्योत्सव में होगा सम्मान

WhatsApp Facebook
छत्तीसगढ़ में ‘चेन्दरू’ पुरस्कार की घोषणा, विनर को मिलेंगे 1 लाख रुपए, राज्योत्सव में होगा सम्मान

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

41403-cg छत्तीसगढ़ में ‘चेन्दरू’ पुरस्कार की घोषणा, विनर को मिलेंगे 1 लाख रुपए, राज्योत्सव में होगा सम्मान

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने गांवों की संस्कृति, जनजातीय परंपरा, प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय जीवनशैली को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ शुरू किया है। ग्रामीण पर्यटन में बेहतर काम करने वाले व्यक्ति या संस्था को हर साल 1 लाख रुपए और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

पर्यटन से गांवों तक पहुंचेगा रोजगार

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि गांव प्रदेश की संस्कृति और परंपराओं की पहचान हैं। सरकार चाहती है कि पर्यटन का लाभ बड़े शहरों और प्रमुख स्थलों तक सीमित न रहे, बल्कि दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचे। इससे युवाओं, महिलाओं, कारीगरों और स्व-सहायता समूहों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे।

होमस्टे और स्थानीय संस्कृति पर जोर

पुरस्कार के जरिए होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प, लोककला, मेले-पर्व और समुदाय आधारित पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। पर्यटक गांवों में रुककर वहां की संस्कृति, खान-पान और जीवनशैली को करीब से जान सकेंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होने के साथ पारंपरिक कला और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

6 सदस्यीय जूरी करेगी चयन

‘चेन्दरू, राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार नियम, 2025’ पूरे प्रदेश में लागू किए गए हैं। प्रविष्टियां समाचार पत्रों में विज्ञापन के जरिए मंगाई जाएंगी। छह सदस्यीय जूरी काम के प्रभाव, रोजगार सृजन, समुदाय की भागीदारी और धरोहर संरक्षण के आधार पर विजेता चुनेगी।

राज्योत्सव में होगा सम्मान

चयनित व्यक्ति या संस्था को राज्योत्सव में 1 लाख रुपए और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। किसी व्यक्ति को यह पुरस्कार जीवनकाल में केवल एक बार मिलेगा। विजेता के काम और उपलब्धियों पर सचित्र स्मारिका भी जारी होगी।

‘चेन्दरू’ नाम से बस्तर की पहचान

पुरस्कार का नाम ‘चेन्दरू’ बस्तर की प्राकृतिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ा गया है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन को रोजगार, स्थानीय आय और सांस्कृतिक संरक्षण का माध्यम बनाना है।

साभार: Asian News Bharat

Asian News Bharat
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)