IAS अमित कटारिया ऊपर जुर्माना, हाईकोर्ट मं जवाब देय मं लापरवाही; CMHO डॉ. रामचन्द्र ठाकुर निलंबित
Amit Kataria HC Case : रायपुर। हाईकोर्ट मं चलत एक मामला मं समय मं जवाब पेश नइ करे के लापरवाही स्वास्थ्य विभाग ऊपर भारी पड़ गे हे। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ह स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ला व्यक्तिगत रूप ले तलब करिस अऊ उन ऊपर 3 हजार रुपए के जुर्माना घलो लगाए गे। कानूनी प्रक्रिया के तहत जुर्माना जमा करे के बाद अब मामले मं जिम्मेदार कांकेर CMHO डॉ. रामचन्द्र ठाकुर ऊपर कार्रवाई करत सरकार ह उनला निलंबित कर दे हे।
हाईकोर्ट मं चलत रहिस मामला
मामला बिलासपुर हाईकोर्ट ले जुड़े हे। ए प्रकरण डॉ. लखन जुरी विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन के नाम ले चलत हे। 13 अगस्त 2026 के हाईकोर्ट के आदेश के बाद कांकेर CMHO डॉ. रामचन्द्र ठाकुर ला शासन के तरफ ले प्रभारी अधिकारी बनाए गे रहिस।
- Amit Kataria HC Case : रायपुर। हाईकोर्ट मं चलत एक मामला मं समय मं जवाब पेश नइ करे के लापरवाही स्वास्थ्य विभाग ऊपर भारी पड़ गे हे। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ह स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ला व्यक्तिगत रूप ले तलब करिस अऊ उन ऊपर 3 हजार रुपए के जुर्माना घलो लगाए गे। कानूनी प्रक्रिया के तहत जुर्माना जमा करे के बाद अब मामले मं जिम्मेदार कांकेर CMHO डॉ. रामचन्द्र ठाकुर ऊपर कार्रवाई करत सरकार ह उनला निलंबित कर दे हे।
- हाईकोर्ट मं चलत रहिस मामला
- 25 सितंबर तक पेश करना रहिस जवाब
- जवाब मं देरी के असर सचिव तक पहुंचिस
- सरकार ह मानिस गंभीर लापरवाही
- तत्काल प्रभाव ले निलंबन
- निलंबन अवधि मं जीवन निर्वाह भत्ता मिलही
उनकर जिम्मेदारी रहिस कि कोर्ट मं शासन के पक्ष रखे जावय अऊ जरूरी जवाब समय मं हाईकोर्ट तक पहुंचाय जावय।
25 सितंबर तक पेश करना रहिस जवाब
महाधिवक्ता कार्यालय ह 7 अऊ 9 सितंबर ला स्वास्थ्य विभाग ला पत्र भेजके मामला मं जरूरी कार्रवाई करे के निर्देश दे रहिस। एकर बाद स्वास्थ्य विभाग ह 16 सितंबर ला डॉ. ठाकुर ला निर्देश दे रहिस कि 25 सितंबर के पहिली हाईकोर्ट मं जवाबदावा पेश कर देय जावय।
फेर तय समय-सीमा के भीतर कोर्ट मं जवाब पेश नइ हो पाय।
जवाब मं देरी के असर सचिव तक पहुंचिस
जवाब समय मं पेश नइ होय के बाद हाईकोर्ट ह स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया ला व्यक्तिगत रूप ले कोर्ट मं उपस्थित होय के निर्देश दिस। कोर्ट के निर्देश के मुताबिक उनला 3 हजार रुपए के जुर्माना घलो जमा करना परिस।
एकर बाद स्वास्थ्य विभाग ह मामला ला गंभीरता लेत जिम्मेदार अधिकारी ऊपर कार्रवाई करे के फैसला लिस।
सरकार ह मानिस गंभीर लापरवाही
स्वास्थ्य विभाग के आदेश मं कहे गे हे कि संवेदनशील न्यायालयीन मामला मं तय समय के भीतर जवाब पेश नइ करना गंभीर लापरवाही हे। एला कर्तव्य के प्रति उदासीनता अऊ पदीय जिम्मेदारी निभाय मं असफलता माने गे हे।
विभाग ह ए कार्रवाई ला छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के उल्लंघन से जोड़के देखिस।
तत्काल प्रभाव ले निलंबन
सरकार ह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम के तहत कांकेर CMHO डॉ. रामचन्द्र ठाकुर ला तत्काल प्रभाव ले निलंबित कर दे हे।
निलंबन अवधि मं उनकर मुख्यालय बस्तर संभाग के स्वास्थ्य सेवाओं के संयुक्त संचालक कार्यालय तय करे गे हे। बिना अनुमति के वे मुख्यालय नइ छोड़ सकहीं।
निलंबन अवधि मं जीवन निर्वाह भत्ता मिलही
निलंबन के दौरान डॉ. ठाकुर ला नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलत रहिही। हालांकि ए पूरा मामला स्वास्थ्य विभाग के न्यायालयीन प्रकरण मन के निगरानी ऊपर सवाल खड़ा करत हे।
एक जवाब समय मं पेश नइ होय के मामला पहिली स्वास्थ्य सचिव तक पहुंचिस अऊ बाद मं जिम्मेदार अधिकारी ऊपर निलंबन के कार्रवाई करे गे हे।



