अंजय शुक्ला को राज्य मंत्री का दर्जा, समर्थकों में जश्न, भाटापारा में आतिशबाजी

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में सक्रिय अंजय शुक्ला को राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण सम्मान देते हुए राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया है। छत्तीसगढ़ राज्य आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला के साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल और इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष शरद अवस्थी को भी राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह दर्जा शिष्टाचार के लिए प्रदान किया गया है। संबंधित पदाधिकारियों को नियमानुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासकीय विभाग अथवा आयोग की होगी।
राज्य मंत्री का दर्जा मिलने पर भाटापारा में जश्न
अंजय शुक्ला को राज्य मंत्री का दर्जा मिलने की खबर के बाद भाटापारा में उनके समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। समर्थकों ने पटाखे फोड़कर खुशी का इजहार किया और इसे अंजय शुक्ला के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव और सरकार में उनकी बढ़ती भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है।
अंजय शुक्ला छात्र जीवन से ही युवाओं के बीच सक्रिय और लोकप्रिय रहे हैं। लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहने के कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में उनका अपना समर्थक वर्ग है। संगठन और जनसंपर्क के स्तर पर उनकी सक्रियता लगातार बनी रही है।
कांग्रेस छोड़ भाजपा में हुए शामिल
अंजय शुक्ला ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। इसके बाद राज्य सरकार ने उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाया। अब उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा मिलने से उनके समर्थकों में उत्साह और बढ़ गया है।
अंजय शुक्ला इससे पहले भाटापारा, धरसींवा और रायपुर दक्षिण विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ने के लिए अपनी दावेदारी भी पेश कर चुके हैं। ऐसे में राज्य मंत्री का दर्जा मिलना उनके राजनीतिक सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
समर्थकों का मानना है कि अंजय शुक्ला की लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक सक्रियता, युवाओं के बीच उनकी पकड़ और संगठन के प्रति उनकी सक्रिय भूमिका को सरकार की ओर से मिले इस सम्मान से नई मजबूती मिली है।

Source: Nishaanebaz


