इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पेपर लीक मामले में एफआईआर, कवर्धा-बिलासपुर से वायरल हुआ प्रश्नपत्र
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में तेलीबांधा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। विश्वविद्यालय के यूजी परीक्षा प्रभारी डॉ. एन.आर. रंगारे की रिपोर्ट पर पुलिस ने छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की संबंधित धाराओं के साथ बीएनएस की धारा 316 के तहत मामला दर्ज किया है।
विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति के अनुसार 20 अगस्त 2026 को बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर के विषय AENT-221 (कीटशास्त्र) की परीक्षा आयोजित होनी थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना सामने आने से विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार प्रश्नपत्र से संबंधित सामग्री वायरल होने की सूचना कवर्धा कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. राजीव श्रीवास्तव की ओर से विश्वविद्यालय को दी गई थी।
जांच के दौरान सामने आया कि कवर्धा और बिलासपुर से जुड़े ई-मेल तथा सोशल मीडिया माध्यमों के जरिए प्रश्नपत्र लीक होने की जानकारी विश्वविद्यालय तक पहुंची थी। विश्वविद्यालय के परीक्षा प्रभारी, कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र कवर्धा और बिलासपुर से जुड़े अधिकारियों को इस संबंध में ई-मेल प्राप्त हुए थे।
विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड के मुताबिक श्याम श्रोता पंडा के व्यक्तिगत ई-मेल से 20 अगस्त 2026 की सुबह प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना भेजी गई थी। परीक्षा प्रभारी डॉ. एन.आर. रंगारे को सुबह करीब 8:54 बजे ई-मेल के माध्यम से इसकी जानकारी मिली। जांच में यह भी सामने आया कि कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कवर्धा के आधिकारिक ई-मेल पर इससे पहले भी प्रश्नपत्र लीक होने से संबंधित सूचना भेजी गई थी।
इसके अलावा छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी विश्वविद्यालय के अधिकारियों को व्हाट्सऐप के जरिए वायरल हो रहे प्रश्नपत्र के कुछ सवालों और संबंधित चैट की जानकारी दी। अलग-अलग माध्यमों से मिली सूचनाओं को देखते हुए विश्वविद्यालय ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल जांच टीम गठित की।
जांच टीम ने उपलब्ध दस्तावेजों, ई-मेल, सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री और छात्रों की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी का परीक्षण किया। परीक्षा की गोपनीयता और संवेदनशीलता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने AENT-221 की परीक्षा तत्काल निरस्त करने का निर्णय लिया।
अब तेलीबांधा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि प्रश्नपत्र आखिर कहां से लीक हुआ, इसे सबसे पहले किस व्यक्ति ने प्रसारित किया, प्रश्नपत्र कवर्धा और बिलासपुर तक कैसे पहुंचा तथा इसे आगे वायरल करने में कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस की जांच के बाद ही प्रश्नपत्र लीक होने की पूरी कड़ी और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। विश्वविद्यालय स्तर पर भी मामले से जुड़े तथ्यों और परीक्षा की गोपनीयता में हुई संभावित चूक की जांच जारी है।
The post इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पेपर लीक मामले में एफआईआर, कवर्धा-बिलासपुर से वायरल हुआ प्रश्नपत्र appeared first on Ekhabri.com.
Source: Ekhabri


