मुख्यमंत्री साय का बड़ा निर्देश: जोखिमपूर्ण भवनों पर लापरवाही हुई तो तय होगी जवाबदेही
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में विद्यार्थियों और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी जिलों में जोखिमपूर्ण एवं जर्जर भवनों की तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय संभावित खतरों की पहले पहचान कर समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाए। सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने जिलों में सुरक्षा व्यवस्था, जोखिमपूर्ण भवनों की स्थिति और अवैध एवं मिलावटी शराब के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में हॉस्टल, पीजी, कोचिंग सेंटर, स्कूल और बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण एवं सेफ्टी ऑडिट कराने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी भवन में सुरक्षा संबंधी कमियां पाई जाती हैं, तो उनके सुधार के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए और निर्धारित अवधि में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने जिलों में सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका असर जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने स्कूलों, पुस्तकालयों, छात्रावासों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर मौजूद पुराने एवं जर्जर भवनों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे भवन जिनकी स्थिति जोखिमपूर्ण है या जिनसे जनहानि की आशंका है, उनकी तत्काल पहचान कर आवश्यक सुरक्षा कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान हो और दुर्घटना की आशंका को पहले ही समाप्त किया जा सके। बच्चों और विद्यार्थियों से जुड़े संस्थानों में सुरक्षा मानकों के पालन को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को जिलों में सुरक्षा संबंधी निरीक्षण की प्रभावी और सतत व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल शिकायत या दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने की प्रवृत्ति को समाप्त करना होगा। इसके बजाय नियमित निगरानी, समय पर निरीक्षण और कमियों को तत्काल दूर करने की कार्यसंस्कृति विकसित की जाए।
अवैध और मिलावटी शराब के खिलाफ चलेगा सख्त अभियान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में अवैध एवं मिलावटी शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने आबकारी विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ विशेष अभियान संचालित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों या स्थानों पर अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री अथवा मिलावट की आशंका है, वहां संयुक्त टीमों के माध्यम से छापेमारी और जांच की जाए। पुलिस, आबकारी और जिला प्रशासन के बीच सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान सुनिश्चित करते हुए प्रभावी कार्रवाई की जाए।
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ेगी निगरानी
मुख्यमंत्री साय ने दूसरे राज्यों से प्रदेश में होने वाली अवैध शराब की आवक पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों और प्रमुख परिवहन मार्गों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अवैध शराब के निर्माण या मिलावट में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
लापरवाही पर अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जोखिमपूर्ण भवनों की जांच, सुरक्षा मानकों के पालन या अन्य दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि बैठक में दिए गए निर्देशों पर तत्काल अमल शुरू किया जाए। साथ ही जिलों में की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि सुरक्षा संबंधी कमियों को समय रहते दूर किया जा रहा है।
बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, संयुक्त सचिव प्रभात मलिक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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Source: Ekhabri


