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छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास को नई रफ्तार, चित्रकोट समेत 20 स्थल होंगे विकसित  

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छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास को नई रफ्तार, चित्रकोट समेत 20 स्थल होंगे विकसित   

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास को नई गति देने के लिए पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने विभागीय योजनाओं और विकास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में हुई बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को पर्यटन से जुड़ी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़कर प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अलग पहचान दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पर्यटन परियोजनाओं का असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए और स्थानीय समुदाय की भागीदारी के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जाने चाहिए।

 

चित्रकोट को ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी

 

बस्तर के विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रियाएं दो सप्ताह के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए। निर्धारित समय-सीमा में डीपीआर और प्रेजेंटेशन तैयार कर भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजने को कहा गया है।

 

बैठक में सिरपुर पर्यटन विकास के लिए तैयार डीपीआर का प्रस्तुतीकरण करने के निर्देश भी दिए गए। इससे सिरपुर को पर्यटन की दृष्टि से और विकसित करने की दिशा में आगे की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

 

144 पर्यटन स्थलों का सर्वे पूरा, 20 स्थलों पर सुविधाएं होंगी विकसित

 

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने प्रदेश के 144 पर्यटन स्थलों का गैप फिलिंग असेसमेंट पूरा कर लिया है। सर्वेक्षण के आधार पर प्राथमिकता वाले 20 पर्यटन स्थलों का चयन किया गया है, जहां सार्वजनिक शौचालय, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं फास्ट ट्रैक आधार पर विकसित की जाएंगी।

 

इन सुविधाओं के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय समितियों को देने अथवा सुलभ इंटरनेशनल जैसी संस्थाओं का सहयोग लेने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं के बेहतर संचालन और पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।

 

राम वनगमन पर्यटन परिपथ के 31 नए स्थलों पर जल्द शुरू होगा काम

 

राम वनगमन पर्यटन परिपथ को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। मंत्री ने पूर्व में विकसित पर्यटन स्थलों के अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने को कहा। साथ ही निर्मित पर्यटन इकाइयों, सार्वजनिक शौचालयों और कैफेटेरिया का संचालन स्थानीय समितियों को सौंपने के निर्देश दिए।

 

नवीन रूप से चिह्नित 31 स्थलों पर विकास कार्य शुरू करने के लिए डीपीआर, निविदा और एजेंसी चयन सहित सभी प्रक्रियाएं दो माह के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद कार्यादेश जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।

 

पहले चरण में चयनित 10 स्थलों के अलावा बस्तर के एक-दो महत्वपूर्ण स्थलों को भी शामिल करने और इसके लिए आवश्यक बजट प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। वहीं माता कौशल्या धाम चंदखुरी में प्रभु श्रीराम की नवीन प्रतिमा को स्थानांतरित कर मंदिर समिति से चर्चा के बाद जल्द स्थापना कराने को कहा गया।

 

रामलला दर्शन योजना में वैकल्पिक ट्रेन की तैयारी

 

रामलला दर्शन योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की यात्रा में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने देने के निर्देश दिए। आईआरसीटीसी की पेंट्री बोगी में तकनीकी समस्या के कारण ट्रेन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है।

 

इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट यानी ईओआई के माध्यम से अलग एजेंसी का चयन कर वैकल्पिक ट्रेन संचालन की आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

भोरमदेव कॉरिडोर की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी

 

भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा और तकनीकी निगरानी के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए गए। संबंधित एजेंसियों को नियमानुसार समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

 

होमस्टे नीति के तहत चयनित हितग्राहियों को कैपिटल सब्सिडी जल्द उपलब्ध कराने तथा तीन चरणों में सहायता राशि के वितरण की आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।

 

स्थानीय समितियां संभालेंगी पर्यटन इकाइयों का संचालन

 

पर्यटन मंडल की ऐसी इकाइयां, जिन्हें तकनीकी कारणों से निजी संस्थाओं को लीज पर देना संभव नहीं है, उनका संचालन स्थानीय समितियों के माध्यम से कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा प्रत्येक पर्यटन इकाई में आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों और उनकी दूरी की जानकारी देने वाले बड़े सूचना बोर्ड लगाने को कहा गया।

 

पर्यटन मार्गों पर विकसित होंगे सुविधा केंद्र

 

पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रमुख पर्यटन मार्गों पर वेसाइड एमेनिटीज विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इसके लिए सभी जिला कलेक्टरों के साथ समन्वय कर भूमि चिह्नित करने और पर्यटन मंडल का लैंड बैंक तैयार करने के निर्देश दिए गए।

 

केंद्र और राज्य सरकार की निर्माणाधीन पर्यटन परियोजनाओं की तकनीकी मॉनिटरिंग के लिए सर्विस प्रोवाइडर एजेंसी के माध्यम से इंजीनियरों की सेवाएं लेने पर भी सहमति दी गई।

 

मिनी टूरिज्म सर्किट और पर्यटन परियोजनाओं पर जोर

 

बैठक में मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन की तैयारियों, कुदरगढ़ रोप-वे निर्माण, मंदिर परिसरों के तालाबों और झीलों के जीर्णोद्धार तथा मुख्यमंत्री की घोषणाओं से संबंधित लंबित कार्यों की समीक्षा की गई। स्वीकृत बजट का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

 

प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़कर मिनी टूरिज्म सर्किट विकसित करने की योजना पर भी जोर दिया गया। इसके लिए स्थानीय टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंटों के साथ कार्यशाला आयोजित करने तथा केंद्र सरकार की परियोजनाओं के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए।

 

कलाकारों के लिए डिजिटल पोर्टल होगा मजबूत

 

संस्कृति विभाग की समीक्षा के दौरान कलाकारों के पंजीयन के लिए संचालित चिन्हारी पोर्टल को अपडेट करने के निर्देश दिए गए। कलाकार दलों के श्रेणी उन्नयन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के पारदर्शी आवंटन के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

 

विभिन्न सांस्कृतिक पीठों को संबंधित विभागों को हस्तांतरित करने और उनके पुनः संचालन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश भी दिए गए।

 

पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण पर विशेष जोर

 

पुरातत्व विभाग की समीक्षा में सिरपुर के सुरंग टीला और नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अंबिकापुर जिला पुरातत्व संग्रहालय के उन्नयन और रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में ऐतिहासिक रियासतों से जुड़ी सामग्री को व्यवस्थित तरीके से प्रदर्शित करने पर भी चर्चा हुई।

 

बैठक में युवा दर्शन योजना में खिलाड़ियों को शामिल करने, फिल्म सिटी के कार्यों में तेजी लाने और ट्राइबल कन्वेंशन सेंटर की प्रगति तेज करने को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए गए।

 

अगली समीक्षा बैठक में मांगा जाएगा प्रगति प्रतिवेदन

 

मंत्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और लंबित प्रकरणों का जल्द निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक में प्रत्येक निर्देश पर की गई कार्रवाई का अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।

 

बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के उपसचिव अभिषेक गुप्ता, पर्यटन मंडल की उपमहाप्रबंधक पूनम शर्मा, राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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साभार: Ekhabri

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
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