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बस्तर में आईईडी पीड़ितों को मिलेंगे कृत्रिम हाथ-पैर, लगेंगे विशाल शिविर

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बस्तर में आईईडी पीड़ितों को मिलेंगे कृत्रिम हाथ-पैर, लगेंगे विशाल शिविर

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में आईईडी विस्फोटों से प्रभावित दिव्यांग लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। बस्तर संभाग में दो चरणों में विशाल निःशुल्क दिव्यांग सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में आईईडी विस्फोटों में हाथ-पैर गंवाने वाले लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

 

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर अब आईईडी विस्फोटों की पीड़ा से बाहर निकलने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। नक्सल हिंसा के दौर में सड़कों, नदी-तालाबों के किनारे और स्कूलों के आसपास लगाए गए आईईडी की चपेट में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ आम नागरिक और पशु भी आए। कई नागरिकों ने इन विस्फोटों में अपने हाथ-पैर गंवाए और आज भी दिव्यांगता के साथ कठिन जीवन जी रहे हैं।

 

इसी पीड़ा को कम करने के उद्देश्य से बस्तर संभाग में दो बड़े दिव्यांग सेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। पहला तीन दिवसीय शिविर 5, 6 और 7 अक्टूबर को जिला मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित होगा। इसमें बस्तर, कांकेर, नारायणपुर और कोंडागांव जिले के दिव्यांगजन शामिल होंगे। वहीं दूसरा शिविर 15, 16 और 17 अक्टूबर को दंतेवाड़ा में लगाया जाएगा। इसमें दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले के हितग्राहियों को लाभ मिलेगा।

 

इन शिविरों का आयोजन भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर के तकनीकी सहयोग से किया जा रहा है। जरूरत के अनुसार हितग्राहियों को कृत्रिम पैर यानी जयपुर फुट, कृत्रिम हाथ, कैलिपर्स और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। विशेषज्ञों की टीम दिव्यांगजनों का परीक्षण और नाप लेकर उनकी आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम अंग तैयार करेगी।

 

जगदलपुर में आयोजित होने वाले पहले शिविर के लिए चार जिलों में कुल 2,953 दिव्यांगजनों को चिन्हांकित किया गया है। इनमें बस्तर जिले से 1,570, कोंडागांव से 1,080, कांकेर से 236 और नारायणपुर से 67 दिव्यांगजन शामिल हैं।

 

समाज कल्याण विभाग के सहयोग से शिविर में अन्य आवश्यक सहायक उपकरण भी वितरित किए जाएंगे। इनमें श्रवण यंत्र, बैसाखी, स्मार्ट छड़ी, वॉकिंग स्टिक, सामान्य छड़ी, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल और कैलिपर्स सहित दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के उपयोगी उपकरण शामिल हैं।

 

आईईडी विस्फोटों में हाथ या पैर गंवाने वाले नागरिकों को शिविर में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। उनकी जरूरत के अनुसार कृत्रिम पैर, कृत्रिम हाथ और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अन्य कारणों से दिव्यांग हुए लोग भी इन शिविरों का लाभ उठा सकेंगे।

 

शिविर में पुराने या क्षतिग्रस्त कृत्रिम अंगों की मरम्मत की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पहले से कृत्रिम अंग का उपयोग कर रहे दिव्यांगजनों को भी राहत मिलेगी। सरकार का उद्देश्य है कि आईईडी विस्फोटों से प्रभावित अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचकर उनकी जरूरत के मुताबिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

 

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आईईडी किसी को पहचानकर नहीं आता था। इसकी चपेट में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ आम नागरिक और पशु भी आए। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के साथ सरकार अब आईईडी से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और उनके जीवन को आसान बनाने की दिशा में भी काम कर रही है।

 

उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर को आईईडी के भय से मुक्त करने के साथ-साथ उन लोगों के साथ भी खड़ी है, जो इन विस्फोटों के कारण दिव्यांग हुए हैं। दोनों शिविरों के माध्यम से प्रयास किया जा रहा है कि बस्तर संभाग के ऐसे प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक सहायता पहुंचे और वर्षों से चली आ रही उनकी पीड़ा को कम किया जा सके।

 

### पंजीयन के लिए इन अधिकारियों से कर सकते हैं संपर्क

 

शिविर में शामिल होने के लिए हितग्राही अपने जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी या जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। ग्राम सभाओं के माध्यम से भी ऐसे हितग्राहियों की पहचान कर ग्राम पंचायत सचिव के जरिए उनका पंजीयन जनपद और जिला पंचायत स्तर तक पहुंचाया जाएगा।

 

जिन जरूरतमंद लोगों का किसी कारणवश पहले पंजीयन नहीं हो पाया है, वे भी सीधे शिविर में पहुंचकर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। शिविर में आने वाले हितग्राहियों के लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था भी की जाएगी।

 

सरकार का लक्ष्य इन दोनों शिविरों के माध्यम से बस्तर संभाग के आईईडी विस्फोटों से प्रभावित दिव्यांगजनों तक जरूरी सहायता पहुंचाना है। इन प्रयासों के जरिए कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर प्रभावित लोगों को आत्मनिर्भर और सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद देने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।

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साभार: Ekhabri

Ekhabri
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
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