जीवन सूक्त : जलते दीये को करो स्वीकार, आंधियों के लिए रहो तैयार – संदीप अखिल
एक सुखी, संतुष्ट और सफ़ल जीवन का सर्वोत्तम मंत्र ही यही होना चाहिए कि “Best की Hope और Worst की
साभार: Lalluram
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