सारंगढ़ के कोतरी गांव ने कचरे से कंचन बनाने की दिखाई मिसाल
रायपुर। स्वच्छ और स्वस्थ गांव का सपना अब केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जनभागीदारी के साथ यह अभियान जमीन पर आकार ले रहा है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘स्वच्छता ही सेवा’ पहल के तहत सारंगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत कोतरी ने ग्रामीण स्वच्छता प्रबंधन की दिशा में अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया है। यहां कचरे को समस्या मानने के बजाय उसके उचित निपटान, पुनर्चक्रण और कम्पोस्टिंग के माध्यम से उपयोगी संसाधन में बदलने पर जोर दिया जा रहा है।
नुक्कड़ नाटक के जरिए दिया स्वच्छता का संदेश
ग्राम पंचायत कोतरी के व्यावसायिक परिसर में आयोजित ‘सेवा, मेरा योगदान’ कार्यक्रम में बिहान समूह की दीदियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। दीदियों ने अपनी सहज प्रस्तुति के जरिए गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, रीसाइक्लिंग तथा कचरे से कम्पोस्ट खाद तैयार करने की जानकारी दी।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की रोजमर्रा की जिम्मेदारी और जीवनशैली का हिस्सा है। ग्रामीणों से घर और आसपास के क्षेत्र में कचरे का उचित प्रबंधन करने की अपील भी की गई।
FSTP प्लांट से हो रहा अपशिष्ट का वैज्ञानिक उपचार
कोतरी गांव के स्वच्छता मॉडल में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट यानी FSTP की महत्वपूर्ण भूमिका है। जिला स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की ओर से ग्रामीणों को बताया गया कि सेप्टिक टैंकों से निकलने वाले अपशिष्ट को विशेष वाहनों के माध्यम से एकत्र कर FSTP प्लांट तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद वैज्ञानिक तकनीक से उसका सुरक्षित उपचार किया जाता है।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य अपशिष्ट के असुरक्षित निपटान से होने वाले पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम करना है। उपचार के बाद निकलने वाले पदार्थों के पुनर्चक्रण और उचित प्रबंधन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
स्वच्छता वॉलिंटियर बसंत भारती सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए स्वच्छता वॉलिंटियर बसंत भारती को स्वच्छता किट प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने गांव को निरंतर स्वच्छ बनाए रखने के लिए सामूहिक संकल्प लिया।
कोतरी गांव में कचरा पृथक्करण, वैज्ञानिक अपशिष्ट उपचार और बिहान समूह की महिलाओं के माध्यम से जनजागरूकता का मॉडल ग्रामीण स्वच्छता में सामुदायिक भागीदारी का उदाहरण प्रस्तुत करता है। कार्यक्रम में स्वच्छता को जन-अभियान बनाने और हर परिवार को इसमें सक्रिय रूप से जोड़ने पर जोर दिया गया।
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Source: Ekhabri


