मणिपुर में 15 घरों में लगाई आग, गोलीबारी में एक की मौत; ग्रामीणों ने जंगल में ली शरण

नई दिल्ली: मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। कामजोंग जिले के चासाद गांव में संदिग्ध उग्रवादियों ने कुकी समुदाय के कम से कम 15 घरों में आग लगा दी। दहशत के कारण कई ग्रामीण घर छोड़कर जंगलों और पास के सेना शिविर में शरण लेने पहुंचे। अधिकारियों ने रविवार को इसकी जानकारी दी।
गोलीबारी में एक की मौत, 4 घायल
अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार को चासाद गांव में हुई गोलीबारी में कुकी समुदाय के एक नागरिक की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। देर रात घरों में आग लगाए जाने के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
असम राइफल्स और BSF तैनात
मणिपुर पुलिस ने बताया कि इलाके में शांति बहाल करने के लिए असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और कामजोंग पुलिस की संयुक्त टुकड़ी तैनात की गई है। सुरक्षा बल हालात पर नजर रख रहे हैं और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री ने जताया दुख
उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने हिंसा की निंदा करते हुए नागरिक की मौत पर दुख जताया। उन्होंने घायल ग्रामीण नेताओं और विस्थापित परिवारों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। किपगेन ने घरों को जलाने की घटना को असहनीय अपराध बताया। उन्होंने प्रशासन और सुरक्षा बलों को सतर्क रहने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कामजोंग मुख्यालय में भी गोलीबारी
जिले के मुख्यालय में शनिवार रात एक अलग घटना में तांगखुल नागा समुदाय के तीन नागरिकों को गोली लगी। अधिकारियों के अनुसार, यह हमला प्रतिद्वंद्वी सशस्त्र समूहों के बीच संघर्ष से जुड़ा था। लगातार हुई हिंसा के बाद जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
साभार: Asian News Bharat


