जीवन सूक्त: आत्म अवलोकन में ही ‘निहित’ है, जीवन का आलोक- संदीप अखिल
“Before you judge a man, walk a mile in his shoes.” मनुष्य की स्वाभाविक प्रवृत्ति है वो दूसरों की कमियाँ
साभार: Lalluram
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