होम › Chhattisgarh › कक्षा से समाज तक बदलाव की मिसाल पेश कर रहीं शिक्षिका खेमेश्वरी साहू, रचनात्मक शिक्षा से संवार रहीं बच्चों का भविष्य
Chhattisgarh

कक्षा से समाज तक बदलाव की मिसाल पेश कर रहीं शिक्षिका खेमेश्वरी साहू, रचनात्मक शिक्षा से संवार रहीं बच्चों का भविष्य

WhatsApp Facebook
कक्षा से समाज तक बदलाव की मिसाल पेश कर रहीं शिक्षिका खेमेश्वरी साहू, रचनात्मक शिक्षा से संवार रहीं बच्चों का भविष्य

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के छेरकाडीह स्कूल में शिक्षा के साथ संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता पर जोर; विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कर रहीं निरंतर प्रयास

 

पलारी, बलौदाबाजार-भाटापारा। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि बच्चों की प्रतिभा को निखारना, उनमें अच्छे संस्कार विकसित करना और उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। इसी सोच के साथ शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला छेरकाडीह की शिक्षिका श्रीमती खेमेश्वरी साहू शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सराहनीय प्रयास कर रही हैं। रचनात्मक गतिविधियों से बच्चों की प्रतिभा निखारने से लेकर पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता तक, उनकी पहल शिक्षा को व्यवहारिक जीवन से जोड़ने का संदेश दे रही है।

20261004_111623-COLLAGE-169x300 कक्षा से समाज तक बदलाव की मिसाल पेश कर रहीं शिक्षिका खेमेश्वरी साहू, रचनात्मक शिक्षा से संवार रहीं बच्चों का भविष्य

संकुल जारा, विकासखंड पलारी अंतर्गत संचालित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला छेरकाडीह में शिक्षिका खेमेश्वरी साहू विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देती हैं। उनका प्रयास रहता है कि बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ अपनी रचनात्मक क्षमता, कल्पनाशीलता, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी समझें।

 

रचनात्मक गतिविधियों से निखर रही बच्चों की प्रतिभा

 

विद्यालय में विद्यार्थियों की प्रतिभा को सामने लाने के लिए चित्रकला, क्राफ्ट निर्माण और रंगीन कागज से विभिन्न उपयोगी एवं आकर्षक वस्तुएं बनाने जैसी गतिविधियां कराई जाती हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को अपनी कल्पनाओं को आकार देने और नए तरीके से सीखने का अवसर मिलता है। गतिविधि आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ाने और उनके आत्मविश्वास को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाता है।

 

पढ़ई तिहार और अंगना में शिक्षा से जुड़ रहे पालक

 

शिक्षिका खेमेश्वरी साहू ने ‘पढ़ई तिहार’ और ‘अंगना में शिक्षा’ जैसे कार्यक्रमों में भी सक्रिय सहभागिता निभाई है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों के साथ पालकों को भी शिक्षा की प्रक्रिया से जोड़ने तथा घर और विद्यालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया गया। इसका उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई में परिवार की भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

 

पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता

 

शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी महत्व देते हुए वृक्षारोपण, स्वच्छता संबंधी गतिविधियों और जल प्रबंधन के लिए सोखता निर्माण जैसे कार्यों में सहभागिता निभाई गई। इन पहलों के जरिए विद्यार्थियों को स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वहीं, बच्चों में अनुशासन और विद्यालय के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से टाई-बेल्ट वितरण जैसी पहल भी की गई।

 

नशामुक्ति अभियान से सामाजिक जागरूकता का संदेश

 

समाज को जागरूक करने की दिशा में शिक्षिका साहू ने नशामुक्ति अभियान में भी सहभागिता निभाई। इसके माध्यम से विद्यार्थियों और समाज के लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। उनका कार्य शिक्षा को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने और बच्चों में सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

 

सेवानिवृत्त रसोइया का सम्मान कर पेश की संवेदनशीलता की मिसाल

 

विद्यालय परिवार से जुड़े लोगों के प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त करते हुए सेवानिवृत्त रसोइया को साल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस पहल के माध्यम से विद्यालय में मानवीय मूल्यों, आपसी सम्मान और सहयोग की भावना को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।

 

जन्मदिन पर विद्यार्थियों के साथ साझा की खुशियां

 

श्रीमती खेमेश्वरी साहू ने अपने जन्मदिन के अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ खुशियां साझा करते हुए न्यौता भोजन कराया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत के सरपंच एवं पंच प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इस पहल ने विद्यालय और स्थानीय समुदाय के बीच सहभागिता तथा आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा देने का संदेश दिया।

 

शिक्षा को संस्कार और व्यवहारिक जीवन से जोड़ने की पहल

 

शिक्षिका खेमेश्वरी साहू के प्रयासों में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनका दृष्टिकोण शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर उसे व्यवहारिक अनुभवों, रचनात्मक गतिविधियों और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने पर केंद्रित है।

 

विद्यालय के प्रधान पाठक श्री रूपेंद्र कुमार चंद्राकर ने श्रीमती खेमेश्वरी साहू के शैक्षणिक, सामाजिक एवं रचनात्मक कार्यों को सराहनीय बताते हुए उनके योगदान को शिक्षक सम्मान एवं उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार के लिए विचार योग्य माना है।

 

छेरकाडीह की शिक्षिका खेमेश्वरी साहू की ये पहलें इस बात को रेखांकित करती हैं कि एक शिक्षक की भूमिका केवल कक्षा में पढ़ाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण, सामाजिक चेतना और बेहतर भविष्य की नींव रखने में भी महत्वपूर्ण होती है।

The post कक्षा से समाज तक बदलाव की मिसाल पेश कर रहीं शिक्षिका खेमेश्वरी साहू, रचनात्मक शिक्षा से संवार रहीं बच्चों का भविष्य appeared first on Ekhabri.com.

साभार: Ekhabri

Ekhabri
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)