आज से शुरू हुआ है सावन, जानिए पूजा विधि और मुहूर्त
आज से देवों के देव महादेव का प्रिय सावन मास शुरू हो रहा है, जो 27 अगस्त 2026 तक चलेगा. इस पावन महीने में ग्रहों के गोचर और भगवान शिव के आशीर्वाद से सभी 12 राशियों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे. आइए जानते हैं कि यह सावन महीना आपकी राशि के लिए क्या खास लेकर आ रहा है और शिव कृपा पाने के लिए आपको क्या उपाय करने। तो आइए जाने पूजा का क्रम, शुभ मुहूर्त, मंत्र, भोग और इस दिन का धार्मिक महत्व.
सावन का पहला दिन क्यों माना जाता है खास?
हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने इसी काल में ग्रहण किया था, जिससे सृष्टि की रक्षा हुई. तभी से सावन में शिव आराधना का विशेष महत्व माना जाता है. इस महीने में सोमवार का व्रत, रुद्राभिषेक, शिव मंत्रों का जाप और बिल्वपत्र अर्पित करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. यही वजह है कि सावन शुरू होते ही मंदिरों में भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है.

सावन के पहले दिन पूजा के शुभ मुहूर्त
सावन के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त से लेकर प्रातःकाल तक शिव पूजा करना सबसे शुभ माना जाता है. यदि सुबह पूजा संभव न हो तो प्रदोष काल में भी भगवान शिव की आराधना की जा सकती है. धार्मिक विद्वानों के अनुसार पूजा के दौरान मन की पवित्रता और श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण होती है. केवल शुभ समय ही नहीं, बल्कि सच्ची भक्ति भी पूजा को सफल बनाती है.
शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:19 बजे से 05:01 बजे तक
प्रातः पूजन उत्तम समय: सुबह 05:28 बजे से 06:21 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक
विजय मुहूर्त: शाम 04:28 बजे से शाम 05:29 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: रात 09:32 बजे से रात 09:50 बजे तक
भगवान शिव की पूजा विधि
सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें
दिन की शुरुआत स्नान के बाद साफ और हल्के रंग के वस्त्र पहनकर करें. पूजा स्थल को साफ करें और शिवलिंग के सामने दीपक जलाएं.
सबसे पहले तांबे के पात्र से शिवलिंग पर जल चढ़ाएं. इसके बाद दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से पंचामृत अभिषेक करें. अंत में फिर से स्वच्छ जल अर्पित करें.
भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, आक का फूल, सफेद चंदन, भांग, अक्षत, सफेद पुष्प और मौसमी फल अर्पित किए जाते हैं. ध्यान रखें कि बेलपत्र तीन पत्तियों वाला और साफ होना चाहिए.
सावन में कौन-सा मंत्र करें?
पूजा के दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप सबसे सरल और प्रभावशाली माना जाता है. इसके अलावा महामृत्युंजय मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप भी किया जा सकता है.
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Source: Ekhabri


