बस्तर मा नक्सलवाद खतम होए के बाद नवा सुरुआत: पानी ले बनही 5700 मेगावाट बिजली
Water Power Electricity Chhattisgarh : रायपुर, 21 जुलाई 2026 : प्रदेश सरकार राज्य मा बिजली के उत्पादन बढ़ाए बर कस के बूता करत हे। छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ह 14 हजार मेगावाट बिजली ला खाली पानी ले ही बनाए के योजना तैयार करे हे।
ए योजना मन मा अब बस्तर ला घलो नक्सलमुक्त होए के बाद जोड़ दे गे हे। बस्तर के तीन जिला मन मा 9 ठन बांध ला चुने गे हे, जिहाँ 57 सौ मेगावाट बिजली बनाए के योजना बनही। एकर बर सर्वे हो चुके हे अऊ अब बरसात के पानी के आंकड़ा मन के आधार मा डीपीआर घलो तैयार करे जाही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिला जशपुर मा घलो 35 सौ मेगावाट के दो योजना तैयार करे गे हे, जेकर ऊपर सबले पहिली काम सुरु होही। कुल मिला के चार जिला मा 83 सौ मेगावाट के योजना मन तैयार करे गे हे। प्रदेश मा लगातार बिजली के खपत अगास छूवत हे। ए पंवरी गरमी मा खपत 73 सौ मेगावाट तक पहुँच गे रीहिस, जेहा आवे वाला दिन मा आठ हजार मेगावाट के पार जाही। जहाँ तक पॉवर कंपनी के अपन प्लांट मन मा बिजली बनाए के बात हे, ओकर क्षमता भारी कम हे। पॉवर कंपनी के प्लांट मन के क्षमता 2960 मेगावाट हे, जेमा ले खाली दो ले ढाई हजार मेगावाट बिजली ही बन पाथे।
पहिली बेर बस्तर के घलो होइस चुनाव
पॉवर कंपनी ह पहिली बेर बस्तर ला घलो पानी ले बिजली बनाए बर चुने हे। बस्तर मा नक्सलवाद के सेती पहिली कभू योजना नइ बन पाइस, लेकिन अब नक्सलवाद के खतम होए के बाद उहाँ बर घलो योजना बनाए गे हे। उहाँ के तीन जिला मन के 9 बांध मन ला चिन्हांकित करे गे हे, जिहाँ बिजली प्लांट लगही। ए योजना पंप स्टोरेज ऊपर आधारित होही, जेमा नीचे के बांध ले ऊपर के बांध मा पानी ला जमा करे जाही अऊ बिजली बनाए बर ऊपर ले पानी ला छोड़ के बिजली बनाए जाही।
ए जगहा मन मा घलो पानी ले बनही बिजली
बस्तर के अलावा पानी ले बिजली बनाए बर आधा दर्जन अऊ जगहा मन ला चुने गे हे। एमा हसदेव बांगो कोरबा मा आठ सौ मेगावाट अऊ सिकासेर बांध गरियाबंद मा 12 सौ मेगावाट के प्लांट लगही। गरियाबंद के ही कुरुंड मा 1000 मेगावाट के योजना हे। जशपुर के डांगरी मा 14 सौ मेगावाट अऊ रौनी मा 21 सौ मेगावाट के प्लांट लगाए जाही, जेकर बर तैयारी पूरा होगे हे। पहिली चरण मा मुख्यमंत्री के गृह जिला जशपुर मा 35 सौ मेगावाट बिजली पानी ले बनाए जाही। एकरे संग बलरामपुर के कोटापाली मा 18 सौ मेगावाट के प्लांट लगही। ए सबो जगहा मा पंप हाइड्रो योजना के तहत 8300 मेगावाट बिजली के उत्पादन होही।



