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UP News : लखनऊ में सजा साहित्य का उत्सव, 9 दिन तक चलेगा गोमती पुस्तक महोत्सव; CM योगी ने किया शुभारंभ

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UP News : लखनऊ में सजा साहित्य का उत्सव, 9 दिन तक चलेगा गोमती पुस्तक महोत्सव; CM योगी ने किया शुभारंभ

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38732-gomti-book-festival UP News : लखनऊ में सजा साहित्य का उत्सव, 9 दिन तक चलेगा गोमती पुस्तक महोत्सव; CM योगी ने किया शुभारंभ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार से पांचवें गोमती पुस्तक महोत्सव 2026 का शुभारंभ हुआ। लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस नौ दिवसीय साहित्यिक आयोजन का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं से किताबों को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि पुस्तकें केवल जानकारी का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि व्यक्ति के विचार, संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के डिजिटल दौर में स्क्रीन हमें दुनिया दिखाती है, लेकिन किताबें उस दुनिया को समझने की क्षमता प्रदान करती हैं। उन्होंने युवाओं को देश के इतिहास, संस्कृति और साहित्य से जुड़ी पुस्तकों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया।

20 सितंबर तक चलेगा पुस्तक महोत्सव

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ विश्वविद्यालय और बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह महोत्सव 12 सितंबर से 20 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान पुस्तक प्रदर्शनी, लेखक संवाद, साहित्यिक संगोष्ठी, कवि सम्मेलन, पुस्तक विमोचन, क्विज प्रतियोगिता और किस्सागोई जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन का उद्देश्य डिजिटल युग में बच्चों और युवाओं को दोबारा पढ़ने की संस्कृति से जोड़ना है।

ज्ञान और विवेक से बनते हैं विचार- CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ज्ञान और विवेक से विचारों का जन्म होता है और जब यही विचार अभिव्यक्ति का रूप लेते हैं तो वे पुस्तकों में बदल जाते हैं। उन्होंने साहित्य को समाज की संचित ज्ञान संपदा बताते हुए कहा कि पुस्तकें आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का काम करती हैं। उन्होंने कहा कि किताबें व्यक्ति की मित्र, मार्गदर्शक और सलाहकार होती हैं। भाषा, संस्कृति, परंपरा और समाज को समझने में पुस्तकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

नई पीढ़ी को किताबों से जोड़ने का प्रयास

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि डिजिटल युग में युवाओं का पुस्तकों से जुड़ाव कम हुआ है। ऐसे समय में गोमती पुस्तक महोत्सव जैसे आयोजन बच्चों और युवाओं को फिर से किताबों के करीब लाने का माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक ही स्थान पर अलग-अलग विषयों और लेखकों की पुस्तकें उपलब्ध होने से पढ़ने की आदत विकसित होती है और ज्ञान का विस्तार होता है।

किताबें बच्चों में बढ़ाती हैं ज्ञान और कल्पनाशक्ति

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा ज्ञान यात्रा की पहली सीढ़ी होती है और इस यात्रा में पुस्तक सबसे महत्वपूर्ण साथी है। उन्होंने कहा कि किताबें बच्चों को केवल अक्षरों का ज्ञान नहीं देतीं, बल्कि उनमें जिज्ञासा, कल्पनाशक्ति, विचार क्षमता और संस्कारों का विकास करती हैं। डिजिटल तकनीक जरूरी है, लेकिन पुस्तकों की अपनी अलग भूमिका है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रहे पुस्तकालय

माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने बताया कि प्रदेश के सार्वजनिक पुस्तकालयों को आधुनिक ज्ञान केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें आईटी उपकरण, डिजिटल सुविधाएं और बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा को केवल स्कूल और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।

स्कूलों में स्मार्ट क्लास और ICT लैब पर जोर

मंत्री गुलाब देवी ने बताया कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में भवनों के सुधार का काम किया गया है। इसके अलावा कई विद्यालयों में ICT लैब, स्मार्ट क्लास, करियर गाइडेंस कार्यक्रम और मिशन शक्ति के तहत छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

छात्रों को बांटी किताबें, पढ़ने की आदत बढ़ाने की अपील

गोमती पुस्तक महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों को पुस्तकें भी वितरित कीं। उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने और मोबाइल का उपयोग केवल ज्ञानवर्धक सामग्री के लिए करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुस्तकें समाज और व्यक्ति के विकास का मजबूत आधार हैं और पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना सभी की जिम्मेदारी है।

Source: Nishaanebaz

Nishaanebaz
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Nishaanebaz
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