UP News : चीनी की जमाखोरी पर योगी सरकार सख्त, डीलर 400 टन से ज्यादा स्टॉक नहीं रख सकेंगे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चीनी की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनुचित कीमतों में बढ़ोतरी पर रोक लगाने के लिए योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार निगरानी रखी जाए। साथ ही डीलरों के लिए स्टॉक की अधिकतम सीमा तय करने के नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है और लोगों को किसी तरह की अफवाह से घबराने की जरूरत नहीं है।
डीलर एक बार में 400 टन से ज्यादा चीनी नहीं रख सकेंगे
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी डीलर एक समय में 400 टन से ज्यादा चीनी का भंडारण नहीं कर सकेगा। इसके अलावा डीलरों को 30 दिन से अधिक की जरूरत के बराबर चीनी स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी। सरकार का उद्देश्य यह है कि बाजार में कृत्रिम कमी पैदा कर कीमतों को प्रभावित करने की कोशिशों पर रोक लगाई जा सके और उपभोक्ताओं को उचित दर पर चीनी उपलब्ध रहे।
थोक उपभोक्ताओं के लिए भी स्टॉक सीमा तय
योगी सरकार ने बड़े थोक उपभोक्ताओं के लिए भी भंडारण की सीमा स्पष्ट की है। ऐसे थोक खरीदार जिनकी मासिक खपत करीब 10 मीट्रिक टन तक है, वे 15 दिन से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। वहीं चीनी मिलों को भी मासिक कोटे के तहत बेची गई चीनी को बिक्री की तारीख से सात दिन से अधिक समय तक अपने गोदाम में रखने की अनुमति नहीं होगी।
प्रदेश में 179.38 लाख कुंतल चीनी का स्टॉक
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों में फिलहाल करीब 179.38 लाख कुंतल चीनी का भंडार उपलब्ध है। इसमें सहकारी चीनी मिलों के पास 23.60 लाख कुंतल, निगम की मिलों में 5.28 लाख कुंतल और निजी चीनी मिलों में करीब 150.50 लाख कुंतल चीनी मौजूद है। सरकार के मुताबिक जून और जुलाई के दौरान चीनी मिलों ने करीब 235 लाख कुंतल चीनी की बिक्री की है और उसका बड़ा हिस्सा अभी भी खुले बाजार में उपलब्ध है।
सभी जिलों में गोदामों की होगी जांच
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में पंजीकृत चीनी मिलों के साथ-साथ थोक और खुदरा विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। अधिकारियों को वास्तविक स्टॉक की जानकारी जुटाकर शासन को रिपोर्ट देने को कहा गया है। इसके साथ ही जहां निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का भंडारण या जमाखोरी मिले, वहां तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
अफवाह फैलाने वालों पर भी होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की कि चीनी की कमी से जुड़ी अफवाहों पर विश्वास न करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चीनी की कृत्रिम कमी, कालाबाजारी या कीमतों में अनुचित वृद्धि की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी जिले में चीनी की उपलब्धता या कीमतों को लेकर असामान्य स्थिति बनती है तो इसकी सूचना तुरंत शासन को दी जाए।
अगले पेराई सत्र में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद
बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि पेराई सत्र 2026-27 में उत्तर प्रदेश में करीब 28.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती होने का अनुमान है। इससे लगभग 90 लाख टन चीनी उत्पादन की संभावना जताई गई है। सरकार का कहना है कि पर्याप्त मौजूदा स्टॉक और आने वाले पेराई सत्र में संभावित उत्पादन को देखते हुए राज्य में चीनी की उपलब्धता को लेकर चिंता की कोई वजह नहीं है।
15 अक्टूबर से चीनी मिलों का संचालन शुरू करने की तैयारी
योगी सरकार ने आवश्यकता के अनुसार चीनी मिलों का संचालन 15 अक्टूबर से शुरू करने की तैयारी के निर्देश भी दिए हैं। इसका उद्देश्य नए पेराई सत्र के लिए समय पर उत्पादन शुरू करना और बाजार में मांग के अनुरूप आपूर्ति बनाए रखना है। सरकार के सख्त निर्देशों के बाद अब जिलों में चीनी के स्टॉक, बिक्री और कीमतों की निगरानी बढ़ने की उम्मीद है। प्रशासन का फोकस यह सुनिश्चित करने पर रहेगा कि जमाखोरी के कारण बाजार में कृत्रिम कमी या आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
Source: Asian News Bharat


