छत्तीसगढ़ जलप्रपात एवं वीकेंड पर्यटन गाइड
चित्रकोट, तीरथगढ़, मैनपाट, बारनवापारा व ऐतिहासिक स्थलों का संपूर्ण यात्रा विवरण
चित्रकोट जलप्रपात (Chitrakote Falls)
इंद्रावती नदी पर स्थित 95 फीट ऊंचा और 300 मीटर चौड़ा यह जलप्रपात भारत का सबसे चौड़ा जलप्रपात है। इसके घोड़े की नाल जैसे आकार के कारण इसे "भारत का नियाग्रा" कहा जाता है। बोटिंग और सनसेट का अद्भुत नजारा मिलता है।
तीरथगढ़ जलप्रपात (Tirathgarh Falls)
मुनगाबहार नदी पर लगभग 300 फीट की ऊंचाई से सीढ़ीनुमा चट्टानों से गिरता यह जलप्रपात सफेद दूधिया झाग की तरह प्रतीत होता है। चारों तरफ घने साल वन और शांत प्राकृतिक वातावरण मन मोह लेते हैं।
मैनपाट (Mainpat Hill Station)
समुद्र तल से 1,100 मीटर की ऊंचाई पर विंध्य पर्वतमाला में स्थित मैनपाट को "छत्तीसगढ़ का शिमला" कहा जाता है। यहां तिब्बती शरणार्थियों की समृद्ध संस्कृति, बौद्ध मठ और अद्वितीय कंपन करने वाली जमीन (जलजली) स्थित है।
बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य (Barnawapara)
245 वर्ग किमी में फैला यह अभयारण्य गौर (भारतीय बाइसन), तेंदुए, चीतल, सांभर और दुर्लभ पक्षियों का घर है। घने साल, सागौन और बांस के जंगलों के बीच ओपन जिप्सी सफारी रायपुर के पास सबसे लोकप्रिय वीकेंड ट्रिप है।
मां बम्लेश्वरी देवी मंदिर (Dongargarh)
1,600 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित मां बम्लेश्वरी देवी का यह पावन मंदिर छत्तीसगढ़ का प्रमुख तीर्थ स्थल है। पहाड़ी की चोटी तक पहुंचने हेतु 1000 सीढ़ियां और अत्याधुनिक रोपवे की सुविधा उपलब्ध है।
भोरमदेव मंदिर (Bhoramdeo Temple)
11वीं शताब्दी में फणि नागवंश द्वारा निर्मित यह शिव मंदिर अपनी बेजोड़ नागर शैली की शिल्पकला और कामुक मूर्तियों के कारण "छत्तीसगढ़ का खजुराहो" कहलाता है। मैकल पर्वतमाला की तलहटी में स्थित है।
घटारानी एवं जतमई जलप्रपात (Ghatarani & Jatamai)
घने जंगलों और विशाल शिलाखंडों के बीच प्राकृतिक जलप्रपात और देवी मां का शक्तिपीठ। यह रायपुरवासियों का सबसे पसंदीदा 1-डे वीकेंड पिकनिक स्पॉट है।
सिरपुर ऐतिहासिक धरोहर (Sirpur)
महानदी के तट पर बसा सिरपुर 7वीं सदी में दक्षिण कोसल की राजधानी था। यहां लाल ईंटों से बना ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर, विशाल बौद्ध विहार, तिवरदेव महाविहार और सुरम्य पुरातात्विक अवशेष विश्व धरोहर स्तर के हैं।