छत्तीसगढ़ के सुघ्घर अवाज तीजन बाई हमन ला छोड़ के चल दिस, 72 साल के उमर में लीस अंतिम सांस
रायपुर: छत्तीसगढ़ के लोकगायन परंपरा के अमर अवाज अउ पंडवानी ला गोटा चक्का दुनिया में नवा पहिचान देवइया पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई अब हमर बीच में नई रहिस। रायपुर के एम्स अस्पताल में अितवार के भिनसरहा (तड़के) ओकर निधन हो गे। ओमन 72 साल के रहिन अउ कतको दिन ले बीमार चलत रहिन। तीजन बाई के जाए से पूरा छत्तीसगढ़ अउ देस-बदेस के कला जगत में सोक के लहर दौड़ गे हे।
रातकुन एम्स अस्पताल में लीस आखिरी सांस
घरवाला मन के मुताबिक, डॉ. तीजन बाई ह अितवार के भिनसरहा कनिहा 3:15 बजे एम्स अस्पताल में आखिरी सांस लीस। ओकर तबियत कतको दिन ले खराब चलत रहिस, जेकर सेती ओकर इलाज चल्लत रहिस। ओकर सांत होए के खबर सुन के सबो कलाकार, साहतकार अउ ओकर चहइया मन गदगद रोवत हें अउ दुख जतावत हें।
दुनिया भर में बजाइस छत्तीसगढ़ के डंका
तीजन बाई ह भारत के संग-संग दुनिया के कतको देस मन में पंडवानी के प्रस्तुति दे के छत्तीसगढ़ के मयारू संस्कृति ला बड़े पहिचान देवाईस। ओकर कला ह हमर लोक परंपरा ला एक नवा ऊँचाई में पहुँचाईस।
गनियारी में होही अंतिम संस्कार
घरवाला मन बताईन कि ओकर पर्थिव सरीर ला रायपुर ले ओकर जनम भुँइया (पैतृक गांव) गनियारी ले जाय जाही। ओतहे ओकर आखिरी दरसन के बाद पूरा राजकीय सम्मान के संग अंतिम संस्कार करे जाही। ये खबर ला सुन के ओकर चहइया मन गनियारी पहुँचे बर धर लीन हें। डॉ. तीजन बाई के जाना सिर्फ एक झन कलाकार के जाना नो हे, बल्कि छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक धरोहर के अइसन नुकसान ए जेला कभू पूरा नई करे जा सके।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ह दीस सरधांजलि
पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के सांत होए पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ह कहिस—
“तीजन बाई हमन ला छोड़ के चली गिस, ओमन ला पद्म विभूषण अउ पद्मश्री ले नवाजे गे रहिस। ओमन गोटा दुनिया में छत्तीसगढ़ के नाम चमकाईन। हम ओमन ला विनम्र सरधांजलि अरपित करथन।”
13 साल के उमिर ले सुरु होईस पंडवानी के सफर
तीजन बाई ह जुन्ना परंपरा मन ला टोर के मंच में अपन एक अलग पहिचान बनाईस। ओमन सिरिफ 13 साल के उमिर में चंद्रखुरी में अपन पहिली प्रस्तुति दे रहिन। ओकर बाद तीजन बाई ह अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, रूस, ऑस्ट्रेलिया अउ जर्मनी जइसन कतको देस मन में पंडवानी गा के छत्तीसगढ़ के डंका बजाइस।
ओमन ला मिले बड़ गन मान-सम्मान:
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पद्मश्री (1988)
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संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1995)
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पद्मभूषण (2003)
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पद्म विभूषण (2019)
कला जगत में सोक के लहर
गणराजा म्यूजिक प्रोडक्शन के अजेय कौशिक ह कहिस कि कला बर अपन पूरा जिनगी सौंप देवइया अउ पंडवानी के नाव दुनिया भर में ऊँचा करइया आदरणीय तीजन बाई जी के जाना हमर सबो बर कभू न भराय वला नुकसान ए। ओकर ये योगदान बर हमन सब्बो दिन ओकर करजदार रहिबो।
डॉ. तीजन बाई ला भावभीनी सरधांजलि!



