मंच ले फटकार ऊपर बवाल! छत्तीसगढ़ के मंत्री-विधायक मन के व्यवहार ले नाराज कर्मचारी, बोलिन- अपमान बंद नहीं होईस त उतरबो सड़क म
Sushasan Tihar 2026 : रायपुर। छत्तीसगढ़ मां सुशासन तिहार के बेरा मां अधिकारी अउ कर्मचारी मनला सार्वजनिक मंच ले फटकारे के मामला मां विवाद ह अब्बड़ बढ़ गे हे। अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन ह एला घोर अपमानजनक बतावत अपन नाराजगी जताए हे अउ चेतावनी दे हे कि जदि अइसन घटना मन नहीं रुकिस त सबो कर्मचारी मन आंदोलन करे बर मजबूर हो जाहीं।
सुशासन तिहार के बेरा मां मंच मन ले अधिकारी अउ कर्मचारी मनला जम्मो जनता के पहिली सार्वजनिक रूप ले फटकार लगाए के मामला ह नवा विवाद खड़ा कर दे हे। ए मुद्दा ला लेके अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन ह गरुवा गुस्सा जाहिर करत सरकार अउ जनप्रतिनिधि मनला चेतावनी दे हे। फेडरेशन के कहना हे कि जनता के बीच मां कोनो भी कर्मचारी ला अपमानित करना बने नोहे, एखर से प्रशासनिक व्यवस्था के मनोबल टूटथे। उहें डहर सरकार के कोती ले मंत्री मन ह कहिन कि जनप्रतिनिधि मन के जिम्मेदारी आय कि ओमन जनता के समस्या ला उठावंय अउ जवाबदेही तय करंय। ए मुद्दा ऊपर अब कर्मचारी संगठन अउ जनप्रतिनिधि मन के बीच रार ह तेज हो गे हे।
मंच ले फटकार ऊपर कर्मचारी संगठन मन के नाराजगी
अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन ह कहिस कि हाल के दिन मां कतकोन कार्यक्रम के बेरा जनप्रतिनिधि मन कोती ले अधिकारी अउ कर्मचारी मनला सार्वजनिक मंच ले फटकारे गे हे। फेडरेशन के मानना हे कि जदि कोनो कर्मचारी ले कछू गलती होए हे त ओखर बर विभागीय प्रक्रिया बने हे, पहिली उहां जांच होना चाही, पर अइसन सब के साम्हो अपमानित करना कतको बने नोहे।
फेडरेशन के पदाधिकारी मन ह कहिन कि आजकाल सोशल मीडिया अउ रील बनाए के जुग मां कछू लोगन मन वाहवाही अउ लोकप्रियता पाए बर कर्मचारी मनला निशाना बनावत हंव। एखर से कर्मचारी मन के मनोबल गिरथे अउ काम-काज के संस्कृति ऊपर घलो बुरा असर परथे।
‘रीलबाजी बर अपमान बरदाश्त नहीं’
कर्मचारी संगठन मन ह साफ-साफ कह दे हंव कि ओमन कोनो भी कर्मचारी के अपमान ला अब बरदाश्त नहीं करहीं। ओमन के कहना हे कि जनप्रतिनिधि मन त सिर्फ पांच साल बर चुने जाथें, जबकि कर्मचारी ह अपन पूरा सेवा काल तक शासन-प्रशासन के बुता ला संभालथे। एखरे सेती दुनों डहर ले सम्मान अउ तालमेल बने रहना जरूरी हे। फेडरेशन ह चेताए हे कि जदि मंच ले कर्मचारी मनला बेइज्जत करे के खेल ह नहीं रुकिस, त पूरा प्रदेश के कर्मचारी मन सड़क मां उतर के आंदोलन करहीं।
डिप्टी सीएम अरुण साव ह क्या कहिन
ए जम्मो बवाल ऊपर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ह नपे-तुले ढंग ले अपन बात राखिन। ओमन कहिन कि नियम के मुताबिक आचरण सबो ला करना चाही, चाहे ओ अधिकारी होवय, कर्मचारी होवय या फिर कोनो जनप्रतिनिधि। प्रशासनिक व्यवस्था ला बने बनाए बर सबो ला अपन-अपन जिम्मेदारी ला समझना पड़ही। अरुण साव के ए बयान ला सरकार कोती ले बीच-बचाव अउ तालमेल बनाए के कोसिस के रूप मां देखे जावत हे। ओमन कोनो एक पक्ष के ओरी न जाके जवाबदेही अउ अनुशासन ऊपर जोर दीन।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के जबाव
कर्मचारी संगठन मन के आपत्ति ऊपर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ह कहिन कि जनप्रतिनिधि मन के पहिली बुता जनता के हक अउ अधिकार बर आवाज उठाना आय। ओमन कहिन कि जदि कहुं जनता परेशान हे त जनप्रतिनिधि मन ओखर समाधान बर अधिकारी मन ले जबाव-सवाल त करबे करहीं। ओमन एला घलो साफ करिन कि एला रीलबाजी या लोकप्रियता पाए के कोसिस के रूप मां नहीं देखना चाही। मंत्री के मुताबिक जनप्रतिनिधि अउ अधिकारी दुनों के एकच लक्ष्य हे- जनता के सेवा करना, एखरे सेती दुनों ला आपस मां सामंजस्य बनाके काम करना चाही।
बढ़ सकथे विवाद
कर्मचारी फेडरेशन के ए चेतावनी के बाद मामला अउ जादा गंभीर होवत दिखत हे। एक कोती कर्मचारी मन सम्मानजनक व्यवहार के मांग करत हंव, त दूसर कोती जनप्रतिनिधि मन जवाबदेही तय करे ला अपन अधिकार बतावत हंव। अब आघू के दिन मां सरकार ए विवाद ला कइसन सुलझाथे, एखर ऊपर जम्मो मनखे मन के नजर टिके हे। फिलहाल सुशासन तिहार के बीच मां सुरू होए ए रार ह प्रदेश के प्रशासनिक अउ राजनीतिक गलियारा मां गरमा-गरम चर्चा के बड़ विषय बन गे हे।



