श्रम बाजार रिपोर्ट मं सरगुजा अउ रायपुर के खास जगह, महिला एलएफपीआर मं सरगुजा देश मं चौथा
Surguja Labour Force Participation Rate : रायपुर। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ह पहिली बेर जिला स्तर के श्रम बाजार रिपोर्ट जारी करे हे। 18 सितंबर 2026 ला जारी ये रिपोर्ट मं छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला के महिला श्रम भागीदारी के आंकड़ा खास रूप ले सामने आए हे। महिला एलएफपीआर के मामला मं सरगुजा देश के चुनिंदा जिलामन के तुलना मं चौथा जगह मं हे।
सरगुजा मं 100 मं करीब 69 महिला श्रम बाजार ले जुड़ी
रिपोर्ट के मुताबिक सरगुजा मं 15 बछर अउ ओकर ले जियादा उमर के महिलामन के लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (एलएफपीआर) 69 फीसदी हे। एखर मतलब ये हे कि 100 महिलामन मं करीब 69 महिला या तो काम करत हवंय, काम खोजत हवंय या काम करे बर उपलब्ध हवंय।
वहीं वर्कर पापुलेशन रेशियो (डब्ल्यूपीआर) 68 फीसदी दर्ज करे गे हे। यानी 100 मं करीब 68 महिला वास्तव मं कोनो न कोनो आर्थिक गतिविधि मं लगे हवंय।
महिला एलएफपीआर मं सरगुजा चौथा
देश के चुनिंदा प्रमुख जिलामन के आंकड़ा देखे जावय त हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर मं महिला एलएफपीआर 80.9 फीसदी हे। ओडिशा के मयूरभंज 71.8 फीसदी अउ जम्मू-कश्मीर के बडगाम 71.4 फीसदी के साथ ऊपर हवंय। एखर बाद छत्तीसगढ़ के सरगुजा 69 फीसदी के आंकड़ा के साथ चौथा जगह मं हे।
एनएसओ के रिपोर्ट मं ये भी बताय गे हे कि देश के करीब 57.8 फीसदी जिलामन मं महिला एलएफपीआर 40 फीसदी या ओकर ले जियादा हे।
रायपुर राजधानी जिलामन के तुलना मं तीसरे जगह
रायपुर के आंकड़ा घलो राज्य के राजधानी जिलामन के तुलना मं खास हे। एनएसओ के मुताबिक रायपुर मं 15 बछर अउ ओकर ले जियादा उमर के पूरा आबादी के एलएफपीआर 61.5 फीसदी अउ डब्ल्यूपीआर 59.4 फीसदी हे।
राज्य के राजधानी जिलामन के तुलना मं रायपुर एलएफपीआर अउ डब्ल्यूपीआर, दुनों मं तीसरे जगह मं हे। रायपुर ले ऊपर हिमाचल प्रदेश के शिमला अउ केरल के तिरुवनंतपुरम हवंय। शिमला के एलएफपीआर 70 फीसदी अउ डब्ल्यूपीआर 65.1 फीसदी हे। वहीं तिरुवनंतपुरम मं एलएफपीआर 64.4 फीसदी अउ डब्ल्यूपीआर 63.2 फीसदी दर्ज हे।
एलएफपीआर अउ डब्ल्यूपीआर ला आसान मं समझव
एलएफपीआर बताथे कि कोनो जगह के 15 बछर अउ ओकर ले जियादा उमर के कतका लोग श्रम बाजार मं जुड़े हवंय। एमा काम करे वाले, काम खोजे वाले अउ काम करे बर उपलब्ध लोग शामिल रहिथें।
वहीं डब्ल्यूपीआर ये बताथे कि कुल आबादी मं कतका लोग वास्तव मं कोनो आर्थिक गतिविधि मं काम करत हवंय।
सरल मं कहिबो त एलएफपीआर श्रम बाजार मं जुड़ाव ला बताथे, जबकि डब्ल्यूपीआर वास्तविक रूप ले काम मं लगे लोगन के स्थिति ला बताथे।
पहिली बेर जिला स्तर के आंकड़ा सामने आइस
एनएसओ के ये रिपोर्ट के खास बात ये हे कि देश मं पहिली बेर जिला स्तर पर श्रम बाजार के आंकड़ा ला एक साथ सामने रखे गे हे। एखर ले अलग-अलग जिला अउ राजधानी के श्रम बाजार मं भागीदारी के स्थिति ला समझे मं मदद मिलही। छत्तीसगढ़ के सरगुजा अउ रायपुर के आंकड़ा ए रिपोर्ट मं खास तौर ले उभर के सामने आए हवंय।



