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स्मार्ट मीटर लगई मं नइ लागही रोक, केंद्र के निर्देश के बाद छत्तीसगढ़ मं अभियान होही तेज

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स्मार्ट मीटर लगई मं नइ लागही रोक, केंद्र के निर्देश के बाद छत्तीसगढ़ मं अभियान होही तेज

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Smart Meter Chhattisgarh : रायपुर। स्मार्ट मीटर ला लेके चलत बहस के बीच केंद्र सरकार साफ कर दिस हे कि स्मार्ट मीटर लगाए के काम मं कोनो रोक नइ लगही। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ह राज्य अउ केंद्र शासित प्रदेश मन ला स्मार्ट मीटर लगाए के काम मं तेजी लाए के निर्देश दिस हे। ए निर्देश के बाद छत्तीसगढ़ मं घलो स्मार्ट मीटर लगाए के अभियान जारी रहही। मतलब जेन उपभोक्ता मन ला उम्मीद रहिस कि स्मार्ट मीटर लगाए मं रोक लग सकथे, फिलहाल ओमन बर राहत के कोनो खबर नइ हे।

जहां नेटवर्क, ओतके स्मार्ट मीटर

केंद्र के निर्देश के मुताबिक, जिहां संचार नेटवर्क उपलब्ध हे, उहां सब्बो श्रेणी के उपभोक्ता मन ला भारतीय मानक के स्मार्ट मीटर के माध्यम ले बिजली देय जरूरी होही। घर, दुकान या दूसर कोनो तरह के बिजली कनेक्शन हो, नियम के दायरा मं आवत उपभोक्ता मन के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जाही।

प्रीपेड अउ पोस्टपेड के सुविधा

केंद्र ह ये घलो साफ कर दिस हे कि स्मार्ट मीटर लगाना जरूरी हे, फेर भुगतान के तरीका अलग हो सकथे। उपभोक्ता प्रीपेड या पोस्टपेड व्यवस्था मं रह सकथे। यानी मीटर लगही, ओकर बाद बिजली बिल भुगतान के व्यवस्था तय होही। प्रीपेड या पोस्टपेड विकल्प ला स्मार्ट मीटर ले बचे के तरीका नइ माने जाही।

बिजली बिल घटाना हे तो खपत मं नजर रखना जरूरी

सरकार के कहना हे कि स्मार्ट मीटर ले बिजली के खपत पर नजर रखना आसान हो जाही। उपभोक्ता ये देख सकही कि वो कब अउ कतका बिजली खरच करत हे। आगे चलके समय के हिसाब ले बिजली के अलग-अलग दर के फायदा घलो मिल सकथे।

महंगा समय मं बिजली के कम इस्तेमाल अउ सस्ता समय मं ज्यादा बिजली उपयोग करके बिल ला कम करे जा सकथे। यानी बिजली बिल घटाए बर मीटर बदलना नइ, बल्कि बिजली इस्तेमाल करे के तरीका बदलना जरूरी होही।

बैकुंठपुर मं स्मार्ट मीटर के रीडिंग ला लेके उठे रहिस सवाल

स्मार्ट मीटर के रीडिंग ला लेके उठत सवाल मन के बीच बैकुंठपुर के मामला घलो सामने आइस। इहां स्मार्ट मीटर अउ चेक मीटर के रीडिंग मं अंतर के बात कही गे रहिस। जांच मं पता चलिस कि चेक मीटर के मैनुअल रीडिंग दर्ज करत समय गलती हो गे रहिस।

7 अगस्त के चेक मीटर के असल रीडिंग 2777 यूनिट रहिस, जबकि एला पहिली 2589 यूनिट दर्ज कर दे गे रहिस।

दूनों मीटर के खपत मं सिर्फ एक यूनिट के अंतर

27 जुलाई ले 7 अगस्त के बीच स्मार्ट मीटर मं 302 यूनिट बिजली के खपत दर्ज होइस, जबकि चेक मीटर मं 303 यूनिट खपत मिलिस। यानी दूनों मीटर के रीडिंग मं सिरिफ एक यूनिट के अंतर रहिस।

रीडिंग के वीडियो रिकॉर्डिंग के घलो जांच करे गे। जांच मं स्मार्ट मीटर के कामकाज मं कोनो गड़बड़ी नइ मिलिस। उल्टा मैनुअल रीडिंग दर्ज करे मं इंसानी गलती के संभावना सामने आइस।

अब स्मार्ट मीटर लगाए के काम होही तेज

केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ह राज्य मन ला सब्बो श्रेणी के उपभोक्ता मन के यहां स्मार्ट मीटर लगाए के काम ला बिना रोक-टोक जारी रखे के निर्देश दिस हे। छत्तीसगढ़ मं घलो ए दिशा मं काम ला तेजी देय के तैयारी हे।

बिजली कंपनी ह उपभोक्ता मन ले अफवाह मं भरोसा नइ करे अउ स्मार्ट मीटर संबंधी सही जानकारी बर अधिकृत माध्यम ले जानकारी लेय के अपील करे हे।

उपभोक्ता मन के असल चिंता बिजली बिल ला लेके

स्मार्ट मीटर लगाए ला लेके सरकार के रुख साफ हे, फेर उपभोक्ता मन के चिंता घलो बने हे। ओमन ला स्मार्ट मीटर ले ज्यादा बढ़त बिजली बिल के चिंता हे। अब बिजली कंपनी के सामने चुनौती ये हे कि नया मीटर सिरिफ रीडिंग दर्ज करे वाला उपकरण नइ, बल्कि बिजली बिलिंग मं पारदर्शिता लाए वाला व्यवस्था हे, ए बात ला उपभोक्ता मन के बीच भरोसा के साथ साबित करे।

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OneCG एक्सक्लूसिव रिपोर्ट OneChhattisgarh.Com
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