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Sheikh Hasina: 'शेख हसीना को हटाने के लिए अमेरिका ने खर्च किए अरबों रुपए! रिजीम चेंज के बीच बेटे सजीब वाजेद जॉय का सनसनीखेज दावा

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Sheikh Hasina: 'शेख हसीना को हटाने के लिए अमेरिका ने खर्च किए अरबों रुपए! रिजीम चेंज के बीच बेटे सजीब वाजेद जॉय का सनसनीखेज दावा

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42760-sheikh-hasina-overthrow-usaid-funding Sheikh Hasina: 'शेख हसीना को हटाने के लिए अमेरिका ने खर्च किए अरबों रुपए! रिजीम चेंज के बीच बेटे सजीब वाजेद जॉय का सनसनीखेज दावा

वॉशिंगटन। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिरने के महीनों बाद उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय ने एक बेहद सनसनीखेज और बड़ा दावा किया है। जॉय का आरोप है कि उनकी मां की सरकार को सत्ता से बेदखल करने में अमेरिका की सीधी भूमिका थी।

उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन जो बाइडेन प्रशासन ने अमेरिकी एजेंसी USAID के माध्यम से इस तथाकथित सत्ता परिवर्तन के लिए 50 मिलियन डॉलर (यानी 4 अरब रुपये से अधिक) की फंडिंग की थी। हालांकि, जॉय ने अपने इन दावों के समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेजी सबूत पेश नहीं किया है।

प्रदर्शनकारियों को संगठित करने और ट्रेनिंग देने का आरोप

वॉशिंगटन स्थित ‘सेंटर फॉर यूएस-बांग्लादेश रिलेशंस’ द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए जॉय ने आरोप लगाया कि यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) और लोकतंत्र समर्थक संगठनों ने बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शनों के दौरान समूहों को जुटाने में अहम भूमिका निभाई।

जॉय ने नेशनल डेमोक्रेटिक इंस्टीट्यूट और इंटरनेशनल रिपब्लिकन इंस्टीट्यूट पर निशाना साधते हुए कहा कि इन संगठनों ने ऐसे विद्रोही समूहों को संगठित करने और प्रशिक्षित करने का काम किया, जो आगे चलकर देश में बड़े पैमाने पर हुई अशांति और हिंसा में शामिल रहे। इस कार्यक्रम में अवामी लीग के कई समर्थक और पूर्व अधिकारी भी मौजूद थे।

अमेरिकी दबाव और यूनुस की ताजपोशी

सजीब वाजेद जॉय ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के गठन को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ढाका में अमेरिकी कूटनीतिक दबाव के चलते ही सैन्य नेतृत्व को मजबूर किया गया और मुहम्मद यूनुस को अंतरिम प्रशासन की कमान सौंपी गई।

चरमपंथी संगठनों की सक्रियता से क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा

क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर चिंता जताते हुए जॉय ने दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था में कई दोषी उग्रवादियों को रिहा किया गया है, जिससे चरमपंथी संगठनों को दोबारा पैर पसारने का मौका मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लोग सार्वजनिक रूप से नजर आ रहे हैं और पाकिस्तान समर्थित उग्रवादी गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। जॉय के मुताबिक, बांग्लादेश के ये बदलते समीकरण भारत और पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र के लिए एक बड़ा सुरक्षा खतरा बन सकते हैं।

अमेरिका के साथ आर्थिक रिश्तों पर बात करते हुए जॉय ने कहा कि शेख हसीना के हटने के बाद चीन के साथ ढाका के संबंध और मजबूत हुए हैं, जिसका फायदा चीनी कंपनियों को मिल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि देश की आर्थिक हालत ठीक न होने के बावजूद बांग्लादेश सरकार ने अमेरिकी कंपनी बोइंग से 29 विमानों का बड़ा अनुबंध किया है, जबकि सरकार के पास इसके भुगतान के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन तक मौजूद नहीं हैं।

साभार: Asian News Bharat

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
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OneChhattisgarh संपादकीय डेस्क
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