77वें गणतंत्र दिवस परेड: कर्तव्य पथ पर दिखही ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के मारक क्षमता अउ ‘विकसित भारत’ के झलक
नई दिल्ली: 77वें गणतंत्र दिवस के मउका मा आयोजित होय वाला सैन्य परेड ए दारी कई मायने मा ऐतिहासिक होय बर जावत हे। मेजर जनरल नवराज ढिल्लन ह आर्मी परेड ब्रीफ के बखत बताइस कि ए साल कर्तव्य पथ मा 90 मिनट के रोमांचक कार्यक्रम मा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सफलता ला प्रमुखता ले देखाए जाही। परेड के शुरुआत रायसीना हिल्स ले होही, जेकर बाद कर्तव्य पथ ले होत हुए लाल किला तक जाही। प्रधानमंत्री डाहर ले नेशनल वॉर मेमोरियल मा शहीद मन ला श्रद्धांजलि दे के बाद राष्ट्रगान अउ 21 तोपों के सलामी के साथ ए भव्य समारोह के सुरुआत होही।
परेड अउ बीटिंग रिट्रीट के मुख्य बात:
ऑपरेशन सिंदूर के झांकी: ‘संयुक्तता के माध्यम ले विजय’ थीम मा आधारित तीनों सेना के झांकी मा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के उंकर 88 घंटा के पूरा कार्रवाई ला देखाए जाही, जउन ह भारत के बदलत सैन्य रणनीति अउ आत्मनिर्भरता ला दुनिया भर मा साबित करिस।
विदेशी दस्ता: ए साल यूरोपीय संघ (EU) के मार्चिंग दस्ता घलो परेड मा सामिल होके वैश्विक भाईचारा के संदेश दिही।
स्वदेशी अउ आधुनिक युद्धक क्षमता: परेड मा ड्रोन यूनिट, लोइटरिंग म्यूनिशन यूनिट अउ लॉजिस्टिक्स दस्त के साथ-साथ ‘बैटल ऐरा’ ले ‘ऑफेंसिव फॉर्मेशन’ तक के युद्ध कला के प्रदर्शन होही।
अनूठा आकर्षण: आधुनिक हथियार मन के साथ-साथ ए दारी लद्दाखी पोनी, लद्दाखी ऊंट अउ बीएसएफ के दू ठन ऊंट दस्ता पारंपरिक सैन्य गौरव ला देखाहीं।
झांकी मन के रेला: जम्मो मिला के 30 झांकी निकाले जाही, जेमा 17 राज्य अउ 10 केंद्रीय मंत्रालय मन के उपलब्धि मन ला देखाए जाही।
बीटिंग रिट्रीट: समारोह के समापन 29 जनवरी के होही, जेमा आर्मी, आईटीबीपी, सीआरपीएफ अउ बीएसएफ के बैंड मन भारतीय धुन मा विजय के शंखनाद करहीं।


