होम › Raipur News › Raipur City News : रायपुर प्रेस क्लब पहुंचे आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय, SIR से लेकर VIP दर्शन और Gen Z आंदोलन पर रखी बात
Raipur News

Raipur City News : रायपुर प्रेस क्लब पहुंचे आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय, SIR से लेकर VIP दर्शन और Gen Z आंदोलन पर रखी बात

WhatsApp Facebook
Raipur City News : रायपुर प्रेस क्लब पहुंचे आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय, SIR से लेकर VIP दर्शन और Gen Z आंदोलन पर रखी बात

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

40222-untitled Raipur City News : रायपुर प्रेस क्लब पहुंचे आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय, SIR से लेकर VIP दर्शन और Gen Z आंदोलन पर रखी बात

Raipur City News : महेश साहू, रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने SIR, मंदिरों में VIP दर्शन, राजनीति में धर्म की भूमिका, गौवंश और Gen Z आंदोलन जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि चुनावी राजनीति में हार-जीत के बाद आरोप-प्रत्यारोप होते रहते हैं और कई बार नेता EVM या वोटिंग व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं।

मंदिरों में VIP दर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर सभी श्रद्धालुओं को समान रूप से दर्शन का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने तिरुपति बालाजी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां VVIP लोगों को भी दर्शन के लिए इंतजार करना पड़ता है। हालांकि, जिन लोगों की मौजूदगी से सुरक्षा या भगदड़ का खतरा हो सकता है, उनके लिए अलग व्यवस्था की जा सकती है।

राजनीति और धर्म को लेकर बोले आचार्य

आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने कहा कि राजनीति में धर्म का प्रवेश हो सकता है, लेकिन धर्म में राजनीति का प्रवेश नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति में नैतिक मूल्यों की जरूरत है, जबकि धार्मिक आयोजनों और कथाओं को राजनीतिक हितों से जोड़ना उचित नहीं है।

गौवंश को लेकर जताई चिंता

गौ राष्ट्र की मांग पर उन्होंने कहा कि भारत में पारंपरिक रूप से गोबर का उपयोग खाद के रूप में होता रहा है। उन्होंने गौवंश की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि संत लगातार इस विषय को उठाते रहे हैं और गौ संरक्षण को लेकर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।

Gen Z आंदोलन पर पावर के इस्तेमाल की दी मिसाल

Gen Z आंदोलन का जिक्र करते हुए आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने कहा कि शक्ति का इस्तेमाल सकारात्मक तरीके से होना चाहिए। उन्होंने 440 वोल्ट बिजली का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह बिजली का उपयोग प्रकाश के लिए किया जाता है, उसी तरह शक्ति का इस्तेमाल रचनात्मक कार्यों में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अत्यधिक शक्ति मिलने पर व्यक्ति के व्यवहार में बदलाव आ सकता है और वह आपा खो सकता है। 

Source: Nishaanebaz

Nishaanebaz
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Nishaanebaz
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)