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Rahul Gandhi Press Conference: 'सबके खिलाफ एंटी इनकंबेंसी आई, भाजपा के खिलाफ क्यों नहीं… CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

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Rahul Gandhi Press Conference: 'सबके खिलाफ एंटी इनकंबेंसी आई, भाजपा के खिलाफ क्यों नहीं… CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

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40095-raga Rahul Gandhi Press Conference: 'सबके खिलाफ एंटी इनकंबेंसी आई, भाजपा के खिलाफ क्यों नहीं… CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

Rahul Gandhi Press Conference: नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी, केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति, चुनाव आयोग के फैसलों और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर अपनी आपत्तियां दोहराईं। राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले तीन साल से वह चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठा रहे हैं। उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के उदाहरण भी दिए।

‘एंटी-इनकंबेंसी बीजेपी के लिए क्यों नहीं?’

राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली सरकारों के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी देखने को मिलती है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण दिया।

राहुल गांधी ने कहा, “भारत में मौलिक बल है जिसे एंटी इन्कंबेंसी कहा जाता है जो कि काफी जल्दी किसी भी सरकार के प्रतिरोध में खड़ी हो जाती है। इससे कोई नहीं बचता। इंदिरा गांधी जी बांग्लादेश युद्ध जीत जाती हैं वे अपने लोकप्रियता के चरम पर होती हैं और इसके बाद सिर्फ दो-तीन साल में ही उनके खिलाफ एंटी-इन्कंबेंसी पैदा हो जाती है। ऐसा कई और कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों के साथ होता है। लेकिन यह नरेंद्र मोदी और अमित शाह समेत किसी भाजपा नेता के साथ आज नहीं होता।”

उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात और दूसरे राज्यों का जिक्र करते हुए पूछा कि एंटी-इनकंबेंसी अचानक कैसे खत्म हो गई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र नहीं होने वाले देशों में एंटी-इनकंबेंसी नहीं होती और इसी संदर्भ में इराक और उत्तर कोरिया का उदाहरण दिया।

‘वोट खत्म तो संविधान का मतलब नहीं’

राहुल गांधी ने वोट को लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद बताया। उन्होंने कहा, “अगर आप वोट को खत्म कर दें तो हमारा संविधान भी तबाह हो सकता है। उसे अपनी ताकत नहीं मिलती, वह कार्य नहीं कर सकता। अगर हमारा संविधान तबाह हो जाए तो हमारे कानून अवैध हो जाते हैं और अगर कानून ही वैध न रहे तो संस्थान भी बर्बाद हो जाते हैं। हम काफी समय से कह रहे हैं कि यहां वोट के साथ लंबे समय से परेशानी चल रही है। चुनाव आयोग ऐसा संस्थान है, जिसकी जिम्मेदारी लोगों के वोट को सुरक्षित करने की है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि कथित वोट चोरी के बाद कानून और संस्थाओं पर भी असर पड़ा। राहुल गांधी ने कहा, “वोट चोरी से आती है कानून चोरी और कानून चोरी से आती है संस्था चोरी। यह चेन पूरे देश में चल रही है।”

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की। उन्होंने कहा, “पहली चीज जो हम कह रहे हैं वह यह कि सीईसी ज्ञानेश कुमार को पद से तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। मैं उनसे कहना चाहूंगा कि आप समझें कि क्या हो रहा है। आपने जो किया है वह भारत देश के खिलाफ है। यह सिर्फ चुनाव में छोटी-मोटी गड़बड़ी नहीं है। यह वोटिंग सिस्टम पर हमला है। आप वह व्यक्ति हैं, जिन्हें वोटों को सुरक्षित करने का जिम्मा मिला था। हमारे पास इतने सबूत हैं कि हम वोट चोरी को साबित कर सकते हैं। हम लोकतंत्र को भारत में तबाह नहीं होने देंगे और इस गड़बड़ी में शामिल हर एक व्यक्ति को सजा मिलेगी। दो चुनाव आयुक्त अब साफ होकर सामने आए हैं।”

दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का मुद्दा

राहुल गांधी ने चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की कथित आपत्तियों का भी जिक्र किया। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति दर्ज की। ये मुद्दे SIR, नए मतदाताओं के पंजीकरण, Form-6 में बदलाव, मतदाता सूची से नाम हटाने-जोड़ने और वोटर डेटा की सुरक्षा से जुड़े थे।

Form-6 में बदलाव पर भी सवाल

रिपोर्ट के अनुसार, नए मतदाताओं के लिए इस्तेमाल होने वाले Form-6 में SIR से जुड़ा सवाल जोड़ा गया था। इसमें आवेदक से पूछा गया कि उसका, उसके माता-पिता या दादा-दादी का नाम पिछली SIR की मतदाता सूची में था या नहीं। विवेक जोशी ने मई में इस बदलाव पर आपत्ति जताई थी और सुखबीर सिंह संधू ने भी इससे सहमति जताई थी। बाद में संधू ने इसे अनधिकृत बताते हुए हटाने की मांग की थी।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

वहीं, चुनाव आयोग ने आंतरिक मतभेद और फैसलों को लेकर उठाए गए सवालों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि वह संविधान के तहत काम करने वाली बहु-सदस्यीय संस्था है। आयोग के मुताबिक लिखित टिप्पणियां, सुझाव, तकनीकी राय और आंतरिक जांच सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग ने यह भी कहा कि SIR समेत उसके फैसले कानून और आयोग के निर्देशों के अनुसार लिए गए हैं और सभी फैसले सर्वसम्मति से हुए हैं।

राहुल बोले- अगले महीनों में और बातें सामने आएंगी

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष इस मुद्दे पर आगे भी सवाल उठाते रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दो से चार महीनों में और जानकारी सामने आएगी। उन्होंने चुनाव आयोग के भीतर सामने आई आपत्तियों को अपने पुराने सवालों से जोड़ते हुए कहा कि अब इस पूरे मामले पर और स्पष्टता सामने आएगी।

Source: Nishaanebaz

Nishaanebaz
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Nishaanebaz
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