1 करोड़ के हवाला कांड म प्रशिक्षु IPS राहुल बंसल के बढ़िस मुश्किल, CBI जांच के मांग ऊपर 25 अगस्त ला सुनवाई
Rahul Bansal CBI Investigation : अंबिकापुर। अंबिकापुर के प्रशिक्षु आईपीएस अउ सीएसपी राहुल बंसल ऊपर एक करोड़ रुपिया के रिश्वत लेन-देन के आरोप से जुड़े मामला म दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट म सुनवाई होइस। कोर्ट ह याचिकाकर्ता ला अपन पक्ष रखे के आखिरी मौका देत अगली सुनवाई के तारीख 25 अगस्त 2026 तय करे हे। हालांकि, एखर बर याचिकाकर्ता ला 10 हजार रुपिया जमा करे के शर्त रखे गे हे।
विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) दिनेश कुमार के सीबीआई-11 अदालत म ए मामला लंबित हे। याचिकाकर्ता आकाश कुमार ह बीएनएसएस के धारा 175(3) के तहत सीबीआई ला एफआईआर दर्ज करे के निर्देश देय के मांग करे हे।
याचिका म आरोप लगाए गे हे कि प्रशिक्षु आईपीएस राहुल बंसल ह हवाला के माध्यम ले एक करोड़ रुपिया के रिश्वत लेहे। आरोप म एएसआई प्रवीण राठौर अउ आरक्षक अंशुल शर्मा के घलो शामिल होय के बात कही गे हे। याचिकाकर्ता के कहना हे कि मामला गंभीर हे अउ ए म अंतरराज्यीय लेन-देन के आरोप ह, एखर से जांच सीबीआई ले करवाए जाना चाही।
क्षेत्राधिकार ऊपर पहिली होही बहस
मंगलवार के सुनवाई के दौरान कोर्ट ह साफ कर दिस कि पहिली ए बात ऊपर बहस होही कि दिल्ली के अदालत के पास सीबीआई ला एफआईआर दर्ज करे के निर्देश देय के अधिकार हे कि नइ।
पिछली सुनवाई म घलो कोर्ट ह एही मुद्दा ऊपर दलील मांगे रहिस, फेर याचिकाकर्ता के वकील ह समय मांग ले रहिन। अब सुनवाई के दौरान अधिवक्ता साहिबा सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम ले पेश होइन। उन्होंन कहिन कि छत्तीसगढ़ के डीजीपी ले विस्तृत रिपोर्ट मिले के बाद बहस करना सही रहिही। साथ म उन्होंन बताय कि वो मुंबई म एक दूसर मामला के सिलसिला म हें अउ व्यक्तिगत रूप ले बहस करना चाहथें, एखर से तारीख आगे बढ़ाए जाए।
दूसरी ओर, प्रतिवादी पक्ष के वकील मन तारीख बढ़ाए के विरोध करिन। वकील मन आरोप लगाए कि याचिकाकर्ता लंबित याचिका के सहारा ले मीडिया म प्रतिवादी मन के छवि खराब करे अउ अलग-अलग मंच ले अपन पक्ष म आदेश हासिल करे के कोशिश करत हे।
ए ऊपर याचिकाकर्ता के वकील ह कहिन कि प्रतिवादी मन ए आरोप के समर्थन म प्रमाण पेश करंव। दुनों पक्ष के दलील सुनके कोर्ट ह कहिस कि ए स्तर म कोर्ट कोनो आरोप के जांच नइ करही, बल्कि सिरिफ याचिका के मुद्दा ऊपर ध्यान देही।
10 हजार रुपिया जमा करे के शर्त म मिलिस आखिरी मौका
कोर्ट ह रिकॉर्ड देखके कहिस कि पिछली तारीख म घलो याचिकाकर्ता के वकील ह व्यक्तिगत रूप ले बहस करे बर समय मांगे रहिन। लगातार दू तारीख म बहस टलत आइस। एखर से न्याय के हित म याचिकाकर्ता ला अधिकार क्षेत्र के मुद्दा ऊपर बहस करे के आखिरी मौका देय गे।
हालांकि कोर्ट ह शर्त रखिस कि 25 अगस्त 2026 के अगला सुनवाई के पहिली याचिकाकर्ता ला 10 हजार रुपिया डीएलएसए सेंट्रल के पास शुल्क के रूप म जमा करना होही। कोर्ट के मुताबिक बहस म देरी के कारण ए रकम लगाए गे हे।
25 अगस्त ला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होही बहस
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ह 10 हजार रुपिया के जुर्माना ज्यादा बताए अउ सितंबर म तारीख देय के अनुरोध करिन। कोर्ट ह कहिस कि आवेदन 1 जुलाई 2026 ले लंबित हे, एखर से ए मामला के प्राथमिकता के साथ सुनवाई जरूरी हे।
वकील ह ये घलो बताय कि वो 31 अगस्त तक दिल्ली म उपलब्ध नइ रहिहीं। कोर्ट ह तारीख बदले से साफ इंकार कर दिस। हालांकि अधिवक्ता ला 25 अगस्त ला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बहस करे के अनुमति दे दीस।
अब 25 अगस्त ला कोर्ट सबले पहिली याचिका के सुनवाई योग्यता अउ अधिकार क्षेत्र ऊपर दलील सुनी। एखर बादे ए बात ऊपर फैसला होही कि सीबीआई ला एफआईआर दर्ज करे के निर्देश देय जाए कि नइ।



