जंगल मं बंदूक धरे हाथ, अब तिरंगा थामहीं पूर्व नक्सली, बीजेपी के तिरंगा यात्रा मं होहीं शामिल
रायपुर। छत्तीसगढ़ मं ए बछर स्वतंत्रता दिवस के मौका मं भारतीय जनता पार्टी बड़े स्तर मं तिरंगा यात्रा निकाले के तैयारी करत हे। 11 ले 15 अगस्त तक चलइया ए अभियान मं आत्मसमर्पण करके समाज के मुख्यधारा मं लौट चुके पूर्व माओवादी घलो शामिल होहीं। बीजेपी के मुताबिक, प्रदेश मं आत्मसमर्पण कर चुके 2 हजार ले जियादा पूर्व माओवादी तिरंगा यात्रा मं शामिल होके शांति, लोकतंत्र अउ देशभक्ति के संदेश देहीं।
11 अगस्त ले शुरू होही तिरंगा यात्रा
बीजेपी प्रदेश नेतृत्व के मुताबिक 11 अगस्त ले प्रदेशभर मं तिरंगा यात्रा शुरू होही। युवा मोर्चा के अगुवाई मं निकले वाली ए यात्रा गांव-गांव तक पहुंचही। खास करके अइसन इलाका मं अभियान चलाया जाही, जिहां लंबे समय तक नक्सल हिंसा के असर रहिस।
पार्टी के कहना हे कि यात्रा के मकसद सिरिफ तिरंगा के सम्मान करना नइ, बल्कि नक्सल प्रभावित इलाका मं शांति, लोकतंत्र अउ राष्ट्रभक्ति के भावना मजबूत करना घलो हे।
450 ले जियादा मंडल अउ स्थानीय निकाय होहीं शामिल
बीजेपी के अनुसार प्रदेश के 450 ले जियादा मंडल, ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय अउ विकासखंड मुख्यालय मं तिरंगा यात्रा निकाली जाही। अभियान के औपचारिक शुरुआत 10 अगस्त के रायपुर ले करे के तैयारी हे। इसके बाद 15 अगस्त तक अलग-अलग जगह मं कार्यक्रम होहीं।
बस्तर मं पूर्व माओवादी थामहीं तिरंगा
तिरंगा यात्रा के सबसे खास पहलू बस्तर मं देखे बर मिलही। इहां आत्मसमर्पण करके हिंसा के रास्ता छोड़ चुके पूर्व माओवादी घलो यात्रा के हिस्सा बनहीं। बीजेपी के मानना हे कि जे मन कभी बंदूक के रास्ता मं रहिन, उही मन के अब तिरंगा थामके लोकतांत्रिक व्यवस्था मं लौटना नक्सल उन्मूलन अभियान के एक सकारात्मक संदेश हे।
यात्रा के दौरान आत्मसमर्पित पूर्व माओवादियों के सम्मानित करे के घलो तैयारी हे। पार्टी के मुताबिक, ए पहल उन लोगन बर प्रेरणा बन सकत हे, जो अभी घलो हिंसा के रास्ता छोड़के समाज के मुख्यधारा मं लौटना चाहत हवंय।
15 अगस्त के बस्तर मं होही खास कार्यक्रम
स्वतंत्रता दिवस के दिन बस्तर संभाग मं कई विशेष कार्यक्रम आयोजित करे के योजना हे। 500 ले जियादा स्कूल, प्रमुख चौक-चौराहा अउ सामुदायिक भवन के नामकरण स्वतंत्रता सेनानी अउ महापुरुष मन के नाम मं करे के तैयारी हे।
ए दौरान नक्सल उन्मूलन अभियान मं बलिदान देय जवान मन के परिवार के घलो सम्मान करे जाही।
गांव-गांव मं लहराही तिरंगा
बीजेपी के मुताबिक बस्तर के कई गांव मं ए बार पहली दफा बड़े स्तर मं तिरंगा फहराए जाही। पार्टी के कहना हे कि ए पहल के जरिए गांव-गांव मं राष्ट्रीय एकता अउ लोकतांत्रिक व्यवस्था ऊपर भरोसा मजबूत करे के प्रयास होही।
दुर्गम अउ संवेदनशील इलाका तक तिरंगा यात्रा के संदेश पहुंचाय बर बाइक रैली घलो निकाली जाही। इन रैली मन के जरिए शांति, लोकतंत्र अउ देश के मुख्यधारा ले जुड़े के संदेश देय जाही।
हिंसा छोड़ लोकतंत्र के राह मं लौटे के संदेश
बीजेपी के कहना हे कि आत्मसमर्पित माओवादियों के तिरंगा यात्रा मं शामिल करना सिरिफ राजनीतिक कार्यक्रम नइ हे। ए उन लोगन के कहानी समाज के सामने रखे के प्रयास हे, जेन मन हिंसा के राह छोड़के लोकतंत्र अउ सम्मानजनक जीवन के दिशा मं लौटे हवंय।
पार्टी के दावा हे कि स्वतंत्रता दिवस के ए अभियान ले छत्तीसगढ़ मं राष्ट्रीय एकता, शांति अउ लोकतंत्र के संदेश ला अउ मजबूत करे मं मदद मिलही।



