होम Chhattisgarh PSSOU ने किए दो बड़े MOU, शिक्षा और जनजातीय शोध को नई दिशा
Chhattisgarh

PSSOU ने किए दो बड़े MOU, शिक्षा और जनजातीय शोध को नई दिशा

WhatsApp Facebook
PSSOU ने किए दो बड़े MOU, शिक्षा और जनजातीय शोध को नई दिशा

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

रायपुर। पण्डित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय (PSSOU), बिलासपुर ने शिक्षा, अनुसंधान और जनजातीय अध्ययन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MOU) किए हैं। विश्वविद्यालय ने महर्षि प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MUMT), बिलासपुर तथा जनजातीय अनुसंधान एवं ज्ञान केंद्र, नई दिल्ली के साथ समझौते किए हैं। इन समझौतों के माध्यम से अकादमिक गतिविधियों, संयुक्त शोध, प्रशिक्षण, नवाचार और जनजातीय विषयों पर अध्ययन को संस्थागत स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।

 

महर्षि प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के साथ हुए समझौते के तहत दोनों संस्थान अकादमिक, अनुसंधान, प्रशिक्षण, नवाचार, विस्तार और संस्थागत विकास के क्षेत्रों में मिलकर कार्य करेंगे। संयुक्त संगोष्ठी, कार्यशाला, व्याख्यान और विभिन्न अकादमिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही अंतर्विषयी अध्ययन और पाठ्यक्रम विकास को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

 

समझौते के अंतर्गत MOOCs, मुक्त शैक्षिक संसाधन (OER), डिजिटल और स्व-अध्ययन सामग्री तथा तकनीक आधारित शिक्षण संसाधनों के विकास में भी सहयोग किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।

 

दोनों संस्थानों के बीच संयुक्त अनुसंधान, सर्वेक्षण, क्षेत्र अध्ययन, प्रायोजित शोध, परामर्श और संयुक्त प्रकाशन को बढ़ावा दिया जाएगा। शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए अनुसंधान पद्धति, विशेषज्ञ व्याख्यान और संकाय विकास कार्यक्रमों के आयोजन की भी योजना है।

 

विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, परियोजना कार्य, क्षेत्रीय अनुभव, शैक्षिक भ्रमण, कौशल विकास, करियर मार्गदर्शन और उद्यमिता से जुड़े अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी दोनों संस्थान मिलकर काम करेंगे।

 

जनजातीय अनुसंधान एवं ज्ञान केंद्र, नई दिल्ली के साथ हुए समझौते में जनजातीय समाज और अनुसूचित जनजातियों से जुड़े विषयों पर संयुक्त अध्ययन और शोध को प्राथमिकता दी गई है। सम्मेलन, संगोष्ठी, प्रकाशन और ज्ञान-साझाकरण जैसी गतिविधियों के माध्यम से जनजातीय विषयों पर अकादमिक विमर्श को नई दिशा मिलेगी।

 

समझौते के अनुसार जनजातीय अनुसंधान एवं ज्ञान केंद्र रणनीति निर्माण, योजना और कार्य-रोडमैप तैयार करने में बौद्धिक सहयोग प्रदान करेगा। आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञता और ज्ञान संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

 

MOU के तहत प्रस्तावित गतिविधियों के समन्वय और निगरानी के लिए दोनों पक्षों से एक-एक प्रतिनिधि वाली दो सदस्यीय संचालन समिति गठित की जाएगी। बौद्धिक संपदा, स्वामित्व और ज्ञान-साझाकरण से जुड़े विषय आपसी सहमति से तय होंगे।

 

विश्वविद्यालय का मानना है कि इन समझौतों से शिक्षकों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को अकादमिक और शोध के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही जनजातीय समाज, संस्कृति, परंपरा और समसामयिक विषयों पर अध्ययन को भी नई गति मिलेगी।

 

इस अवसर पर PSSOU की ओर से कुलपति प्रो. वी. के. सारस्वत और कुलसचिव चंद्रभूषण मिश्र उपस्थित रहे। MUMT की ओर से कुलपति प्रो. डॉ. नरेश कुमार तिवारी और कुलसचिव डॉ. विजय गरुडिक शामिल हुए। जनजातीय अनुसंधान एवं ज्ञान केंद्र, नई दिल्ली की ओर से प्रदेश समन्वयक राजीव शर्मा और सामाजिक कार्यकर्ता वैभव सुरंगे उपस्थित रहे।

The post PSSOU ने किए दो बड़े MOU, शिक्षा और जनजातीय शोध को नई दिशा appeared first on Ekhabri.com.

Source: Ekhabri

Ekhabri
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)