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President Murmu 80th Independence Day Eve Address: तिरंगा हमारी स्वाधीनता का प्रतीक…. 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन

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President Murmu 80th Independence Day Eve Address: तिरंगा हमारी स्वाधीनता का प्रतीक…. 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन

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35733-president-murmu-80th-independence-day-eve-address President Murmu 80th Independence Day Eve Address: तिरंगा हमारी स्वाधीनता का प्रतीक.... 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन

नई दिल्ली : 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को नमन किया और आधुनिक भारत की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुछ ही घंटों में देश की स्वतंत्रता के 80वें वर्ष की शुरुआत होगी। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय एकता, सेना के शौर्य, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, सामाजिक न्याय, महिला सशक्तीकरण और गरीबों के कल्याण समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर बात की।

तिरंगा हमारी आजादी और गौरव का प्रतीक

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि 15 अगस्त भारत के इतिहास का बेहद महत्वपूर्ण दिन है। 1947 में देश ने पराधीनता की बेड़ियों से मुक्ति पाई और भारतीय नागरिक अपने भविष्य के निर्माता बने। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी स्वतंत्रता का प्रतीक है और हर भारतीय इसे गर्व और सम्मान के साथ फहराता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उन वीरों को याद करने का दिन भी है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

सरदार पटेल को बताया एकता का शिल्पकार

राष्ट्रपति ने देश की एकता और अखंडता के निर्माण में सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक राष्ट्रीय एकीकरण की थी। सरदार पटेल ने इस चुनौती का सामना करते हुए भारत की एकता को मजबूत आधार दिया।

उन्होंने कहा कि भारत अब आधुनिक और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में देश के प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

ऑपरेशन सिंदूर में सेना के शौर्य का जिक्र

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सटीक कार्रवाई करने की भारतीय सशस्त्र सेनाओं की क्षमता और उनके अदम्य साहस को प्रदर्शित किया।

उन्होंने भारतीय सेना के जवानों की बहादुरी और देश की सुरक्षा के लिए उनके समर्पण की सराहना की। राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

सिंधु जल संधि को लेकर भी दिया संदेश

राष्ट्रपति ने आतंकवाद को समर्थन देने वाले देश के संदर्भ में सिंधु जल संधि के निलंबन का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे राष्ट्रीय हित से जुड़ा निर्णायक कदम बताया और विशेष रूप से किसानों के हित का उल्लेख किया।

ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के योगदान को किया याद

राष्ट्रपति ने महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती का उल्लेख करते हुए सामाजिक सुधार के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि ज्योतिबा फुले और क्रांति-ज्योति सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा, सामाजिक न्याय, महिला सशक्तीकरण और समानता के लिए ऐतिहासिक काम किया।

उन्होंने कहा कि वंचित और कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाना देश की प्राथमिकताओं में शामिल है और सामाजिक समानता की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

गरीबों और महिलाओं के कल्याण का उल्लेख

राष्ट्रपति मुर्मू ने देश में गरीबी कम करने की दिशा में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर लाने में सफलता मिली है। उन्होंने प्रधानमंत्री जन धन योजना का जिक्र करते हुए बताया कि करीब 59 करोड़ लोग बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े हैं, जिनमें 32 करोड़ से अधिक महिलाएं हैं।

उन्होंने कहा कि करीब 80 करोड़ लोगों के लिए निशुल्क राशन की व्यवस्था ने खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया है। राष्ट्रपति ने देश के किसानों, श्रमिकों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों समेत राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले सभी नागरिकों की सराहना की।

राष्ट्र निर्माण में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी

अपने संबोधन के अंत में राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की प्रगति केवल सरकार या किसी एक वर्ग की जिम्मेदारी नहीं है। संविधान में निहित मूल कर्तव्यों का पालन करते हुए प्रत्येक नागरिक राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने देशवासियों से एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने का आह्वान करते हुए स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

Source: Asian News Bharat

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
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