दस्त के दवाई मं काला धब्बा मिले: ओफ्लैक्सासीन-ओर्निडाजोल के उपयोग बर राज्य मं रोक
हमर प्रदेश मं दस्त अऊ पेट के संक्रमण बर देय्य जाथे एक कॉमन दवाई ओफ्लैक्सासीन-ओर्निडाजोल. ये दवाई डॉक्टर अऊ हॉस्पिटल मन अक्सर मरीज ला देथें. फेर हालेच मं दवाई के कुछे बैच मं काला धब्बा देखे गे. दवाई मं ए प्रकार के धब्बा मिलना मतलब ओकर गुणवत्ता मं कमी आना घलो हो सकत हे, अऊ मरीज के सेहत ऊपर बुरा असर पर सकथे.
एक जानकारी के आधार ऊपर स्वास्थ्य विभाग अऊ ड्रग कंट्रोल अफसर मन जांच सुरु करिंस. जहां दवाई के टैबलेट मं काले दाग दिखिस, ओतके बात सरकार तुरते पूरे राज्य मं ए दवाई के उपयोग ऊपर रोक लगा देहिस. माने जऊन जगह मं ये दवाई उपयोग होवत रहिस, उहां अब तब तक बंद कर दे गे, जब तके जांच रिपोर्ट नइ आ जाही.
स्वास्थ्य विभाग कहिस के दवाई के सैंपल अब लैब मं जांच बर भेज दे गे हवय. रिपोर्ट आय के बादे साफ होही के दवाई मं वास्तविक खराबी रहिस या नइ. सरकार अऊ अधिकारी मन ये कदम मरीज मन के सुरक्षा बर उठाइन. अऊ जनता ला कहे हावय कि जेमन मरीज मन ए दवाई लेत रहिन, ओमन अपन डॉक्टर ले सलाह जरूर लेय.
ड्रग अफसर मन कहे हें कि अगर केहू के पास ये दवाई रखाय हवय अऊ ओकर हिस्सा काला दिखत हे त तुरते उपयोग बंद कर देय अऊ नजदीकी दवाई दुकान या अस्पताल मं जानकारी देवय.
सरकार के ए फैसला ला आम जनता अऊ स्वास्थ्य विशेषज्ञ मन सही कदम बताइन, काबर की दवाई मं थोड़े बदलाव घलो मरीज बर खतरनाक हो सकत हे. अभी पूरा प्रदेश मं दवाई ऊपर नजर रखवात हे, अऊ अधिकारी मन कहिन कि बिना जांच पूरा हुए तक ए दवाई ऊपर भरोसा नइ करना चाही.
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