कउन बनिही छत्तीसगढ़ म कांग्रेस के अगला अध्यक्ष? दीपक बैज के कार्यकाल 12 जुलाई के होवत हे पूरा
chhattisgarh-congress-president : रायपुर: छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज के तीन साल के कार्यकाल ह 12 जुलाई के सिरा (समाप्त) होवत हे। एक आदिवासी चेहरा के रूप म ओला बड़े उम्मीद के साथ कमान सौंपे गे रहीस, लेकिन ओकर कार्यकाल के अंत म एक बड़े कड़वाहट ये जुड़ गे कि ओ ह अपन पूरा ‘कार्यकारिणी’ (टीम) तक नहीं बना पाइस।
भाजपा ह बैज के बिना टीम के विदाई के पीछे सबले बड़े कारन कांग्रेस के गुटबाजी ला बतावत हे। राज्य म पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव अउ नेता प्रतिपक्ष डा. चरणदास महंत जइसन दिग्गज नेता मन के अपन-अपन खूँटा (खेमा) हे।
गुट मन म तालमेल नहीं बइठा पाइन
सूत्र मन के कहना हे कि ये सबो गुट मन के बीच म तालमेल बइठाना बैज बर टेढ़ी खीर साबित होइस। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के 10 उपाध्यक्ष, 23 महामंत्री समेत 252 सदस्य मन वाली पूरा कार्यकारिणी के सपना, सपनाच रह गे। अब सब कर नजर ये बात ऊपर टिके हे कि अगला अध्यक्ष कउन बनिही।
एक डहर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बने बर टीएस सिंहदेव, डा. महंत, भूपेश बघेल, पूर्व मंत्री डा. शिवकुमार डहरिया अउ उमेश पटेल के नाम के चर्चा हे, त दूसर डहर सियासत के गलियारा म ये घलो बात चलत हे कि दीपक बैज ला फिर से मौका मिल सकत हे। ओकर कारन राहुल-प्रियंका गांधी के साथ ओकर करीबी होना बताए जावत हे।
गुटबाजी म उलझे रहीस कार्यकाल
राजनीतिक जानकार मन के कहना हे कि बैज के पूरा कार्यकाल गुटबाजी म च उलझे रहीस। एक महीना पहिली पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ह कहे रहीन कि यदि पार्टी चही त ओ ह जिम्मेदारी संभाले बर तैयार हें। जवाब म बैज ह कह दे रहीस कि सिंहदेव जी ह वरिष्ठ हें, ओकर बर राज्य ह छोटे हे, ओला दिल्ली (राष्ट्रीय राजनीति) म सक्रिय होना चही अउ अब जुवा (युवा) मन ला मौका मिलना चही।
छत्तीसगढ़ म जुवा कांग्रेस के चुनाव म घलो दुर्ग संभाग म विधायक देवेंद्र यादव अउ भूपेश बघेल खेमा के बीच के खिंचतान ह नई चुनौती खड़ा कर दे हे। ये जुबानी जंग ले साफ पता चलत हे कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक-ठाक नई हे।
कमान संभाले के बाद मिलिस हार
जुलाई 2023 म जब दीपक बैज ला कमान सौंपे गे रहीस, तब पार्टी ह ओकर ऊपर बड़े दांव खेले रहीस। 42 बछर (साल) के बैज ला जुवा नेतृत्व ला आगे बढ़ाए के रणनीति के तहत कुर्सी दे गे रहीस। फेर, ओकर अगुवाई म कांग्रेस के प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहीस।
2023 के विधानसभा चुनाव म सत्ता हाथ ले निकल गे अउ खुद दीपक बैज घलो अपन चित्रकोट सीट ला नहीं बचा पाइस। ओकर बाद 2024 के लोकसभा चुनाव म 11 म ले सिरिफ एक सीट मिलिस अउ नगरीय-पंचायत चुनाव म घलो लगातार हार ले संगठन के कमर टूट गे।
जे मन काम नहीं करिहें, ओ मन बदले जाहिं: दीपक बैज “संगठन म जे मन अपन जिम्मेदारी नहीं निभा पावत हें, ओ मन ला बदले जाही। हमन पीसीसी ले लेके बूथ स्तर तक कमेटी बनाए हवन। हमन जनता के आगू म साबित कर देन कि भाजपा सरकार ह पूरा तरीका ले फेल हे अउ उद्योगपति मन के हाथ के कठपुतली बन गे हे।”
गुटबाजी कांग्रेस के डीएनए म हे: अजय चंद्राकर भाजपा के वरिष्ठ नेता अउ पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ह कांग्रेस ऊपर तंज कसत कहीन कि— “दीपक बैज के उपलब्धि ह सून (जीरो) हे, काबर कि कउनो भी नेता अपन हार के श्रेय ले बर तैयार नहीं हे। गुटबाजी ह कांग्रेस के डीएनए म बसे हे।”



