Nepal: नेपाल में बाढ़ के बीच भारत ने भेजी दूसरी राहत खेप: C-17 से 37.5 टन सामग्री पहुंचाई, पहली खेप में भेजे थे 10 टन

Nepal: नई दिल्ली: नेपाल में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से हुई तबाही के बीच भारत ने मानवीय सहायता की दूसरी खेप भेजी है। गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से C-17 ग्लोबमास्टर विमान 37.5 टन राहत सामग्री लेकर काठमांडू रवाना हुआ। इसमें दवाइयां, खाने के पैकेट और NDRF के जरूरी उपकरण शामिल हैं।
पहले दिन भेजे थे 10 टन राहत सामग्री
भारत ने बुधवार रात C-130J हरक्यूलिस विमान से 10 टन सहायता सामग्री नेपाल भेजी थी। इस विमान में राहत सामग्री, मेडिकल सप्लाई और जनरेटर रखे गए थे। विमान रात करीब 8:30 बजे हिंडन से उड़ा और दो घंटे के भीतर नेपाल पहुंच गया था।
करीब सवा घंटे की है उड़ान
C-17 के कमांडर कैप्टन एल. नायक ने बताया कि विमान करीब 30 से 40 टन राहत सामग्री लेकर गया है। हिंडन से काठमांडू की उड़ान का समय लगभग 1 घंटा 15 मिनट है। जरूरत पड़ने पर विमान के पास हवा में डेढ़ घंटे तक रुकने लायक ईंधन भी था। लैंडिंग में दिक्कत आने पर भारत के दो एयरबेस को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर तैयार रखा गया था।
भारत नेपाल के संपर्क में: जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा कि नेपाल के लिए राहत अभियान जारी है। भारत नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और राहत-बचाव कार्यों में हरसंभव सहयोग देगा। विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि भारत मुश्किल वक्त में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है।
A second flight has just taken off, carrying 37.5 tonnes of HADR material, medicines & food packets for Nepal.
India remains in close and continuous touch with the Nepalese authorities. We will continue to strongly support the ongoing relief efforts.
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— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) August 27, 2026
बाढ़ में 162 शव बरामद
नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। गुरुवार सुबह तक 162 लोगों के शव बरामद होने की जानकारी सामने आई। रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन, गोरखा और नवलपरासी समेत कई जिलों में नदी किनारे शव मिले हैं।
यूपी सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
नेपाल में फंसे उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए प्रदेश सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1070 जारी किया है। परिजन इस नंबर पर संपर्क कर मदद मांग सकते हैं। सरकार ने सुरक्षित वापसी के लिए दूतावास स्तर पर भी संपर्क शुरू किया है।
Source: Nishaanebaz


