MP : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 15 बुनकरों और शिल्पियों को किया सम्मानित, कुटीर और ग्रामोद्योग उत्पादों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने की तैयारी, दो ई-कॉमर्स पोर्टल लॉन्च

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के बुनकरों, शिल्पकारों और ग्रामीण कलाकारों के उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मृगनयनी डॉट कॉम और ओडीओपी मार्ट एमपी नाम से दो नए ई-कॉमर्स पोर्टल लॉन्च किए। सरकार का उद्देश्य कुटीर एवं ग्रामोद्योग से जुड़े पारंपरिक उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री बढ़ाना और स्थानीय हुनर को ग्लोबल मार्केट से जोड़ना है।
‘लोकल टू ग्लोबल’ को बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। प्रदेश के बुनकरों, शिल्पकारों और कलाकारों ने अपनी कला और मेहनत से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ के मंत्र के अनुरूप राज्य सरकार इन पारंपरिक उत्पादों की मार्केटिंग और बिक्री के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
मृगनयनी पोर्टल पर 460 से ज्यादा उत्पाद
नए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों को मध्यप्रदेश के पारंपरिक उत्पाद घर बैठे खरीदने की सुविधा मिलेगी। फिलहाल मृगनयनी पोर्टल पर करीब 460 उत्पाद उपलब्ध कराए गए हैं और जल्द ही इनकी संख्या बढ़ाकर 1,000 करने का लक्ष्य है। इसके साथ ही मृगनयनी एम्पोरियम के उत्पादों की डिलीवरी देशभर के 16 हजार से ज्यादा स्थानों तक पहुंचाने की तैयारी की गई है।
चंदेरी से महेश्वर तक ऑनलाइन मिलेंगे पारंपरिक उत्पाद
मुख्यमंत्री ने कहा कि चंदेरी की साड़ी, महेश्वर की साड़ी, बाग प्रिंट, उज्जैन का बटिक और सीधी की दरी जैसे उत्पाद मध्यप्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। सरकार इन उत्पादों को आधुनिक बाजार से जोड़ने के साथ युवा पीढ़ी तक पहुंचाने पर भी ध्यान दे रही है। ओडीओपी के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैयार होने वाले उत्पादों को भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बढ़ावा दिया जाएगा।
15 बुनकरों और शिल्पियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के 15 बुनकरों, शिल्पकारों और कलाकारों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। पुरस्कार के तहत प्रथम स्थान प्राप्त करने वालों को 1 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार के लिए 50 हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार के लिए 25 हजार रुपये और प्रोत्साहन पुरस्कार के तहत 15 हजार रुपये के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
उज्जैन में जल्द शुरू होगा यूनिटी मॉल
मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन में यूनिटी मॉल का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है और इसे जल्द शुरू करने की तैयारी है। यहां देशभर के अलग-अलग क्षेत्रों के उत्पाद उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को धार्मिक स्थलों के साथ देश और प्रदेश की पारंपरिक कला एवं उत्पादों का भी अनुभव मिले।
ढाई लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा बाजार
कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मध्यप्रदेश में करीब ढाई लाख से अधिक बुनकर, शिल्पकार और कलाकार इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। विभाग में बड़ी संख्या में महिलाएं भी कार्यरत हैं। नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए इन लोगों को बड़े बाजार तक पहुंच मिलने की उम्मीद है। उत्पादों पर लेबलिंग और QR कोड के जरिए भी ग्राहकों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
ग्रामीण हुनर को मिलेगा नया बाजार
सरकार का मानना है कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के विस्तार से पारंपरिक कला और ग्रामीण उत्पादों की मांग बढ़ेगी। इससे बुनकरों और शिल्पकारों को स्थानीय बाजार पर निर्भर रहने के बजाय देशभर में ग्राहक मिल सकेंगे। सरकार इन उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और डिजिटल बिक्री को मजबूत कर मध्यप्रदेश के स्थानीय हुनर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
Source: Asian News Bharat


