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MP Wildlife: मध्य प्रदेश में 100 साल बाद लौटी जंगली भैंसों की मौजूदगी, 8 भैंसों को बड़े बाड़े में किया शिफ्ट

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MP Wildlife: मध्य प्रदेश में 100 साल बाद लौटी जंगली भैंसों की मौजूदगी, 8 भैंसों को बड़े बाड़े में किया शिफ्ट

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41938-mp-wildlife MP Wildlife: मध्य प्रदेश में 100 साल बाद लौटी जंगली भैंसों की मौजूदगी, 8 भैंसों को बड़े बाड़े में किया शिफ्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बालाघाट जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व के सूपखार क्षेत्र में असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से लाए गए 8 जंगली भैंसों को सॉफ्ट रिलीज और क्वारंटाइन की प्रक्रिया के बाद बड़े बाड़े में स्थानांतरित किया गया है। इनमें 2 नर और 6 मादा जंगली भैंस शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण और जैव-विविधता को समृद्ध करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया।


काजीरंगा से कान्हा तक पहुंचीं जंगली भैंसें

जानकारी के अनुसार, 28 अप्रैल 2026 को असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से इन 8 जंगली भैंसों को सुरक्षित रूप से कान्हा टाइगर रिजर्व के सूपखार क्षेत्र में लाया गया था। यहां शुरुआती देखरेख और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें सॉफ्ट रिलीज प्रक्रिया के तहत रखा गया। अब उन्हें बड़े बाड़े में स्थानांतरित किया गया है, जो उनके संरक्षण और आगे की देखरेख की प्रक्रिया में अहम कदम है।


जैव-विविधता और जंगलों के पारिस्थितिकी तंत्र को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जंगली भैंसों की वापसी से कान्हा टाइगर रिजर्व के घास के मैदानों के पारिस्थितिकी तंत्र के प्रबंधन में मदद मिलेगी। इस प्रजाति की मौजूदगी से क्षेत्र की जैव-विविधता को मजबूती मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों के संरक्षण और जंगलों के संवर्धन से प्राकृतिक पर्यावरण को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।


वन्यजीव पर्यटन से बढ़ सकते हैं रोजगार के अवसर

राज्य सरकार के अनुसार, वन्यजीव संरक्षण की ऐसी पहल से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। कान्हा टाइगर रिजर्व और आसपास के क्षेत्रों में वन्यजीव पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं और निवासियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। इससे संरक्षण के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिल सकता है।


चीता पुनर्वास के बाद संरक्षण की एक और पहल

मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में वन और वन्यजीवों के संरक्षण के साथ विकास कार्यों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्ष 2022 में चीतों के पुनर्वास के बाद कूनो राष्ट्रीय उद्यान सहित अन्य संरक्षित क्षेत्रों में चीता संरक्षण की दिशा में काम किया गया है। अब जंगली भैंसों को कान्हा टाइगर रिजर्व में लाने की पहल को प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों की एक और महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।


मध्य प्रदेश के वन संरक्षण अभियान को मिलेगी नई दिशा

करीब एक सदी पहले प्रदेश से विलुप्त हो चुकी जंगली भैंसा प्रजाति की वापसी का उद्देश्य वन्यजीव विविधता को बढ़ाना और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है। बड़े बाड़े में स्थानांतरण के बाद इन जंगली भैंसों की देखरेख और संरक्षण आगे भी महत्वपूर्ण रहेगा। इस पहल से मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

साभार: Asian News Bharat

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
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