MP News: सिंगरौली में खुल गई विकास की पोल! 15 हजार लोग आज भी बांस के पुल से पार करते हैं नदी
Singrauli Bamboo Bridge: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के चितरंगी क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुलकवार में विकास के दावों की हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है। यहां बेलहवा नदी पर आज तक पक्का पुल नहीं बन पाया है। बरसात के मौसम में ग्रामीणों को नदी पार करने के लिए हर साल बांस का अस्थायी पुल तैयार करना पड़ता है। इसी पुल के सहारे हजारों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रोजाना आवागमन करते हैं।
इस वर्ष भी कोरावल विकास मंच के अध्यक्ष डॉ. रमा शंकर सिंह की पहल पर बेलहवा नदी पर बांस का पुल तैयार कराया गया है। इस पुल के माध्यम से बगदरा, नेवारी, मझिगवां, कुलकवार, लेदपुरवा, कमरौहा, झगरहिया और ख्माहडीह समेत कई गांवों के लोग आवाजाही कर रहे हैं। करीब 12 से 15 हजार की आबादी इसी रास्ते पर निर्भर है।
बारिश में बढ़ जाता है खतरा
बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर यह बांस का पुल ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन जाता है। हालांकि यह पुल पूरी तरह अस्थायी है और किसी भी समय हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद मजबूरी में स्कूली बच्चे, किसान, महिलाएं और बुजुर्ग इसी रास्ते से गुजरते हैं।
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कई बार की गई मांग, लेकिन नहीं मिला स्थायी समाधान
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और क्षेत्रीय विधायक व राज्य मंत्री राधा सिंह से पक्का पुल बनाने की मांग की है। पिछले वर्ष तत्कालीन सीईओ राहुल सैयाम ने भी स्थल का निरीक्षण कर पुल निर्माण का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासन से उठ रहे बड़े सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल अस्थायी पुल बनाना स्थायी समाधान नहीं है। उनका सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? आखिर 15 हजार लोगों की सुरक्षा के लिए एक स्थायी पुल का निर्माण कब होगा?फिलहाल बेलहवा नदी पर बांस का पुल तो तैयार हो गया है, लेकिन विकास का पक्का पुल आज भी केवल वादों तक सीमित है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक निकालते हैं।
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