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MP News : केन बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना की CM डॉ. मोहन यादव ने की समीक्षा, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर दिया विशेष जोर

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MP News : केन बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना की CM डॉ. मोहन यादव ने की समीक्षा, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर दिया विशेष जोर

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36547-mp-10 MP News : केन बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना की CM डॉ. मोहन यादव ने की समीक्षा, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर दिया विशेष जोर

खजुराहो। बुंदेलखंड की तस्वीर बदलने वाली राष्ट्रीय महत्व की केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खजुराहो में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की प्रगति, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मूलभूत सुविधाओं और भविष्य के लाभों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी और इससे सिंचाई, पेयजल तथा ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा।

प्रभावित परिवारों के हितों को बताया सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों के साथ परियोजना से प्रभावित और विस्थापित परिवारों के हितों की पूरी तरह रक्षा की जाए। उन्होंने पन्ना और छतरपुर जिला प्रशासन से कहा कि प्रभावित गांवों में अधिकारी घर-घर पहुंचकर परिवारों की वास्तविक स्थिति और समस्याओं को समझें।

विशेष रूप से जनजातीय परिवारों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनने और उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्वास के दौरान किसी भी पात्र परिवार को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए।

नए पुनर्वास स्थलों पर स्कूल, आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य सुविधाएं

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिन परिवारों ने नए स्थानों पर अपना निवास बना लिया है, वहां बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। इन क्षेत्रों में स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्राथमिकता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि विस्थापित परिवार केवल स्थान परिवर्तन तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें नए क्षेत्रों में बेहतर जीवन और विकास के अवसर भी मिलें।

प्रभावितों को जल्द मिले अतिरिक्त मुआवजा

मुख्यमंत्री ने पन्ना की रूंझ-मझगांव परियोजना में स्वीकृत अतिरिक्त राशि का भुगतान प्रभावित परिवारों को जल्द कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन प्रभावित लोगों के पास उम्र से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, वहां मेडिकल परीक्षण के आधार पर आयु निर्धारण की प्रक्रिया अपनाई जाए, ताकि किसी को मुआवजे या पुनर्वास लाभ में दिक्कत न हो।

जल संसाधन मंत्री को नियमित मॉनिटरिंग का निर्देश

मुख्यमंत्री ने जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट को परियोजना की उच्च प्राथमिकता के साथ नियमित निगरानी करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री बैठक में वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना जैसे बड़े काम में प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट समन्वय और लगातार मॉनिटरिंग जरूरी है, ताकि निर्माण और पुनर्वास से जुड़े कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।

जन चौपाल के जरिए दूर होंगी लोगों की आशंकाएं

परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की चिंताओं को कम करने के लिए मुख्यमंत्री ने जन चौपाल और जागरूकता यात्राएं आयोजित करने के निर्देश दिए। इन कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीणों को परियोजना से मिलने वाले लाभों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मैदानी स्तर पर संवाद बढ़ाया जाए और लोगों की आशंकाओं, शिकायतों तथा पुनर्वास से जुड़े सवालों का समाधान मौके पर ही करने का प्रयास किया जाए।

8.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बढ़ेगी सिंचाई क्षमता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परियोजना के संभावित लाभों की जानकारी देते हुए कहा कि इसके पूरा होने पर मध्य प्रदेश में करीब 8.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। इसके अलावा 44 लाख से अधिक लोगों को पेयजल सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद है। परियोजना के तहत 103 मेगावाट जल विद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का भी प्रावधान बताया गया है। इससे बुंदेलखंड में जल, कृषि और ऊर्जा के क्षेत्र में दीर्घकालिक बदलाव आने की संभावना है।

1,382 गांवों को मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ

केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड और मध्य भारत के कई जिलों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। इसमें पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, विदिशा, रायसेन, शिवपुरी और दतिया शामिल हैं। कुल 1,382 गांवों को परियोजना से लाभ मिलने का अनुमान है।

5,039 परियोजना प्रभावित परिवारों का पुनर्वास

छतरपुर और पन्ना जिले में परियोजना से प्रभावित परिवारों की संख्या 5,039 बताई गई है। इनमें पन्ना के 1,321 और छतरपुर के 3,718 परिवार शामिल हैं। बताया गया कि सभी प्रभावित परिवारों ने पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के विशेष पैकेज का विकल्प चुना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि इन परिवारों का पुनर्वास सम्मानजनक तरीके से हो और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

सिर्फ पानी नहीं, बुंदेलखंड के आर्थिक बदलाव की परियोजना

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना को केवल जल संसाधन से जुड़ी योजना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह बुंदेलखंड के आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन सकती है। सिंचाई सुविधा बढ़ने से कृषि उत्पादन में वृद्धि, पेयजल उपलब्धता में सुधार और ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

बैठक में वन मंत्री दिलीप अहिरवार, सांसद वीडी शर्मा, पन्ना, छतरपुर, बिजावर और राजनगर के विधायक, मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, सागर संभाग के अधिकारी समेत अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रमुख सचिव जल संसाधन संदीप यादव ने परियोजना की प्रगति और अब तक हुए कार्यों का प्रस्तुतीकरण दिया।

Source: Asian News Bharat

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
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