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MP : नौरादेही बना मध्यप्रदेश का तीसरा चीता क्षेत्र, CM मोहन यादव ने व्योम और नीरा को किया विमुक्त

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MP : नौरादेही बना मध्यप्रदेश का तीसरा चीता क्षेत्र, CM मोहन यादव ने व्योम और नीरा को किया विमुक्त

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41522-cheetah-project-mp MP : नौरादेही बना मध्यप्रदेश का तीसरा चीता क्षेत्र, CM मोहन यादव ने व्योम और नीरा को किया विमुक्त

सागर। मध्यप्रदेश में चीता संरक्षण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। सागर जिले के रहली में आयोजित वन्य प्राणी सप्ताह के समापन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों को नए ठिकाने पर विमुक्त किया। नर चीता व्योम और मादा चीता नीरा को सुरक्षित सॉफ्ट रिलीज बोमा में छोड़ा गया। इसके साथ ही बुंदेलखंड में चीता संरक्षण और वन पर्यटन को बढ़ावा देने की नई शुरुआत हुई है।

कूनो और गांधी सागर के बाद नौरादेही बना तीसरा ठिकाना

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर अभयारण्य के बाद अब नौरादेही टाइगर रिजर्व चीतों का मध्यप्रदेश में तीसरा ठिकाना बन गया है। यहां चीतों के लिए अनुकूल प्राकृतिक वातावरण तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में नौरादेही में पर्यटकों को एक ही रिजर्व में चीते और टाइगर दोनों विचरण करते दिखाई दे सकते हैं।

मध्यप्रदेश में चीतों की संख्या 60 तक पहुंची

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश वन्य जीव संरक्षण के मामले में लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में चीतों की संख्या अब 60 तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती वन्य जीवों के लिए अनुकूल है और राज्य देश में सबसे अधिक टाइगर और गिद्धों की संख्या वाले राज्यों में शामिल है। सरकार जलचर, थलचर और नभचर सभी तरह के वन्य जीवों के संरक्षण पर काम कर रही है।

अगले महीने नौरादेही आएंगे 2 और चीते

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि नौरादेही में आज दो चीतों को नए आवास में छोड़ा गया है। अगले महीने यहां दो और चीते लाने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि जंगलों में वन्य जीव आबाद रहें और इंसान भी उनके साथ सहअस्तित्व की भावना से रह सके।

चीता संरक्षण से बढ़ेगा वन पर्यटन

मुख्यमंत्री ने कहा कि चीते मध्यप्रदेश को वन पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। नौरादेही में चीता आने से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन से जुड़े रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। सांसद राहुल सिंह ने भी युवाओं को पर्यटन से जोड़ने के लिए अलग-अलग भाषाओं में प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने की मांग रखी, ताकि युवा प्रशिक्षित गाइड के रूप में काम कर सकें।

वन समितियों को मिला 20 करोड़ रुपये का लाभांश

वन्य प्राणी सप्ताह के समापन कार्यक्रम में वन समितियों को लाभांश का वितरण भी किया गया। नौरादेही टाइगर रिजर्व के आसपास पर्यटकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने और पर्यटन गतिविधियों से जुड़ी समितियों को कुल 80 करोड़ रुपये की आय में से 20 करोड़ रुपये लाभांश के रूप में दिए गए।

होमस्टे से ग्रामीणों को मिलेगा स्वरोजगार

मुख्यमंत्री ने वन क्षेत्र के आसपास बफर जोन में होमस्टे को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने ग्रामीणों से अपने घरों में एक-दो कमरे होमस्टे के तौर पर तैयार करने की अपील की। सरकार की ओर से होमस्टे तैयार करने के लिए 2 से 3 लाख रुपये तक का अनुदान दिए जाने की जानकारी भी दी गई।

दूध उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कृषक कल्याण वर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार गौपालन और दूध उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। ग्राम पंचायत स्तर पर सहकारी दूध संकलन समितियां बनाई जा रही हैं, ताकि गौपालकों से उचित मूल्य पर दूध खरीदा जा सके और किसानों को नियमित आय का साधन मिले।

पीएम मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ था चीता प्रोजेक्ट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में कूनो से चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी। उन्होंने कहा कि वन्य जीवों के संरक्षण और मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। नौरादेही में चीतों की नई शुरुआत को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

पुस्तक और ब्रोशर का भी विमोचन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘गिद्ध संख्या आंकलन 2026’ पुस्तक, बुंदेली बोली में तैयार वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के पोस्टर और जनभागीदारी आधारित ‘बाघिन दीदी’ अभियान के ब्रोशर का विमोचन किया। कार्यक्रम में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, विधायक गोपाल भार्गव, सांसद राहुल सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

साभार: Asian News Bharat

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
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