मोदी बायोटेक प्लांट के मनमानी : खेत मन में ‘जहर’ अउ नाला में मौत, बंजर होवत जमीन देख के ग्रामीण मन दीन चक्काजाम के चेतावनी
आरंग: रायपुर जिला के आरंग इलाका में स्थित ‘मोदी बायोटेक प्लांट’ अब स्थानीय मनखे अउ किसान मन बर आफत बन गे हे। विकास के नाव में खुले ए प्लांट ह पर्यावरण के नियम मन के धज्जी उड़ावत हे, जेखर से न केवल खेती-खार बर्बाद होवत हे, बल्कि बेजुबान मवेशी मन के जान घलो जावत हे।
खेत बन गे बंजर, निस्तारी नाला में बहत हे ‘जहर’
भिलाई, ओड़का अउ अकोलीखुर्द के किसान मन के आरोप हे कि प्लांट प्रबंधन ह जहरीला अउ दूषित पानी ल बिना कोनो ट्रीटमेंट के सीधा किसान मन के खेत अउ निस्तारी नाला मन में बहावत हे।
खेती-किसानी चौपट: ए जहरीला पानी के सेती उपजाऊ जमीन ह धीरे-धीरे बंजर होवत हे, जेखर से किसान मन के आगू रोजी-रोटी के संकट खड़ा हो गे हे।
मवेशी मन के मौत: स्थिति अतका खराब हे कि नाला के जहरीला पानी ल पीके इलाका के कई मवेशी मन दम तोड़ चुके हें।
पाताळ लोक तक गिर गे पानी के स्तर
प्रदूषण के संग-संग प्लांट ह धरती के भीतर के पानी (Ground Water) ल घलो अंधाधुंध खींचत हे। एखर से आसपास के गाँव मन में पानी के स्तर गजब नीचे गिर गे हे। अभी ले गर्मी के दिन सुरू घलो नहीं होय हे, फेर गाँव मन में अभी ले भारी जल संकट देखाय बर सुरू हो गे हे।
प्रशासन के चुप्पी ले ग्रामीण मन में गुस्सा
सबले अचरज के बात ए हे कि अतका शिकायत के बाद घलो जिला प्रशासन अउ पर्यावरण विभाग ह कान में तेल डार के बइठे हे। ग्रामीण मन के कहना हे कि—
“अधिकारी मन सिर्फ खानापूर्ति बर जांच करे बर आथें, फेर प्लांट के ऊपर कोनो ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं करंय।”
अब आर-पार के लड़ाई: उग्र आंदोलन के चेतावनी
मोदी बायोटेक प्लांट के मनमानी ले अब किसान मन के सब्र के बांध टूट गे हे। ग्रामीण मन ह साफ चेतावनी दीन हें कि अगर जल्दी ए जहर उगले वाला पानी ल बंद नहीं करे गिस, त ओ मन बड़े जन-आंदोलन अउ चक्काजाम करे बर मजबूर हो जइहें। एखर सबो जिम्मेदारी शासन-प्रशासन के होही।



