महानदी ऊपर फेर अटक गे फैसला, दिल्ली के बैठक मं घलो नई निकलिस हल
Mahanadi Water Dispute : नई दिल्ली। महानदी के पानी के बंटवारा ला लेके छत्तीसगढ़ अउ ओडिशा के बीच चलत विवाद के हल अभी तक नई निकल पाइस। दिल्ली मं केंद्रीय गृह अउ सहकारिता मंत्री अमित शाह के अध्यक्षता मं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अउ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के बैठक होइस। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल घलो बैठक मं मौजूद रहिन। दूनों राज्य अपन-अपन बात रखिन, फेर पानी के बंटवारा ला लेके कोनो आखिरी सहमति नई बन पाइस।
CM साय कहिन- बातचीत लेच निकली रद्दा
बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कहिन कि महानदी के मामला ला आपसी बातचीत, सहयोग अउ वैज्ञानिक तरीका ले सुलझाय के कोसिस चलत हे। महानदी दूनों राज्य बर जीवनदायिनी आय, अइसने मं विवाद बढ़ाय के बजाय मिल-बैठ के हल निकाले के जरूरत हे। अभी दूनों राज्य के बीच बातचीत जारी रखे के बात सामने आइस हे।
20 सितंबर मं घलो होइस रहिस मुलाकात
महानदी विवाद ला लेके दूनों राज्य के मुख्यमंत्री मन के बीच पहिली घलो बातचीत होवत रहिस। 20 सितंबर ला मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ओडिशा के दौरा मं गे रहिन। भुवनेश्वर मं उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ले होइस। दूनों मुख्यमंत्री मन महानदी विवाद के संग-संग छत्तीसगढ़ अउ ओडिशा ले जुड़े दूसर मुद्दा ऊपर घलो बात करिन। ओ समय विवाद के जल्द समाधान निकले के उम्मीद जताय गे रहिस।
जुलाई मं घलो हो रहिस बातचीत
30 जुलाई ला केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल के अध्यक्षता मं दूनों राज्य के बैठक होइस रहिस। ए बैठक मं महानदी विवाद के हल बर तकनीकी सहयोग अउ बातचीत ला आगे बढ़ाय के सहमति बनिस। दूनों राज्य केंद्रीय जल आयोग के अइसने फैसला ला माने के लिखित सहमति घलो दे रहिन, जेन फैसला दूनों राज्य के व्यापक हित मं होही।
आठ बछर ले चलत हे मामला
महानदी के पानी ला लेके विवाद साल 2016 मं ज्यादा बढ़िस। बातचीत ले बात नई बनिस त मार्च 2018 मं महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण बनाय गे। ओडिशा के कहना हे कि छत्तीसगढ़ के ऊपरी इलाका मं बने जल परियोजना के सेती गैर-मानसूनी समय मं ओडिशा दिस पानी के बहाव ऊपर असर पड़थे। ओती छत्तीसगढ़ के पक्ष हे कि सिंचाई, उद्योग अउ घरेलू जरूरत बर अपन हिस्सा के पानी के उपयोग करे के अधिकार राज्य ला हे।
अब केंद्रीय जल आयोग के भूमिका महत्वपूर्ण
अब आगे के नजर केंद्रीय जल आयोग के तकनीकी प्रक्रिया ऊपर टिक गे हे। नदी मं कतका पानी उपलब्ध हे, कहां कतका उपयोग होवत हे अउ बरसात के बाद गैर-मानसूनी समय मं पानी के बहाव कतका रहिथे, ए सब आंकड़ा के आधार मं आगे के बात बढ़ही। जुलाई के बैठक मं केंद्रीय जल आयोग के फैसला ला माने के सहमति बनना ए मामला मं एक महत्वपूर्ण कदम माने जा सकथे।
फेर सवाल के जवाब अभी बाकी
अमित शाह के अध्यक्षता मं दूनों मुख्यमंत्री के बैठक होय के बाद घलो सबसे बड़े सवाल के जवाब अभी नई मिलिस कि महानदी के पानी आखिर कऊन तरीका ले बांटे जाही। बातचीत जरूर आगे बढ़त हे, फेर आखिरी समझौता कब होही अउ पानी बंटवारा के फार्मूला ऊपर दूनों राज्य सहमत होहीं कि नई, ए अभी साफ नई हे।
महानदी दूनों राज्य बर जरूरी
महानदी सिरिफ नदी नइ, बल्कि छत्तीसगढ़ अउ ओडिशा दूनों राज्य के खेती, पीये के पानी, उद्योग अउ बिजली उत्पादन ले जुड़े हे। ए पानी ऊपर किसान मन के खेती समेत कई काम निर्भर हे। अइसने मं दिल्ली के बैठक के बाद समाधान के उम्मीद बने हे, फेर महानदी विवाद के आखिरी फैसला अभी बाकी हे।



