होम › Sports › Lovlina Borgohain Gold: बर्थडे पर लवलीना का गोल्डन पंच, एशियन गेम्स में रचा इतिहास, भारत 12 गोल्ड के साथ छठे नंबर पर
Sports

Lovlina Borgohain Gold: बर्थडे पर लवलीना का गोल्डन पंच, एशियन गेम्स में रचा इतिहास, भारत 12 गोल्ड के साथ छठे नंबर पर

WhatsApp Facebook
Lovlina Borgohain Gold: बर्थडे पर लवलीना का गोल्डन पंच, एशियन गेम्स में रचा इतिहास, भारत 12 गोल्ड के साथ छठे नंबर पर

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

40928-lovlina-borgohain-gold-medal-asian-games-2026 Lovlina Borgohain Gold: बर्थडे पर लवलीना का गोल्डन पंच, एशियन गेम्स में रचा इतिहास, भारत 12 गोल्ड के साथ छठे नंबर पर

नई दिल्ली। जिस दिन लवलीना बोरगोहेन अपना 29वां जन्मदिन मना रही थीं, उसी दिन उन्होंने रिंग में ऐसा पंच लगाया जिसने उनके एशियन गेम्स करियर का रंग बदल दिया। भारत की स्टार बॉक्सर ने Aichi-Nagoya Asian Games 2026 में महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग का फाइनल जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।

लवलीना ने चीन की जियी बाओ (Ziyi Bao) को 5-0 के फैसले से हराया। इस जीत के साथ वह एशियन गेम्स में बॉक्सिंग गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गईं। उनसे पहले यह उपलब्धि सिर्फ मैरी कॉम ने हासिल की थी, जिन्होंने 2014 के इंचियोन एशियन गेम्स में 51 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीता था।

खास बात यह भी है कि लवलीना ने पिछले एशियन गेम्स में जीते सिल्वर मेडल का रंग बदल दिया। 2023 में हुए हांगझोउ एशियन गेम्स में उन्हें 75 किग्रा फाइनल में चीन की ली कियान के हाथों हारकर सिल्वर से संतोष करना पड़ा था।

फाइनल में लवलीना ने कैसे जीता गोल्ड?

फाइनल की शुरुआत काफी कड़ी रही। पहले राउंड में लवलीना ने 3-2 से बढ़त बनाई। बाओ ने दूसरे राउंड में आक्रामक रुख अपनाया और भारतीय बॉक्सर पर दबाव बनाने की कोशिश की।

लेकिन लवलीना ने अपना संयम नहीं खोया। दूसरे राउंड में उन्होंने 4-1 से बाजी मारी और मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

अब तीसरा राउंड गोल्ड तय करने वाला था। लवलीना ने यहां भी धैर्य के साथ बॉक्सिंग की और 4-1 से राउंड अपने नाम कर लिया। तीनों राउंड में बढ़त के आधार पर जजों ने मुकाबला 5-0 से लवलीना के पक्ष में कर दिया।

सेमीफाइनल में भी आसान नहीं थी राह

फाइनल से पहले लवलीना को सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की नताल्या बोगदानोवा की चुनौती मिली थी। बोगदानोवा 70 किग्रा वर्ग की मौजूदा विश्व चैंपियन थीं।

मुकाबला काफी करीबी रहा और लवलीना ने 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ वह एशियन गेम्स के इतिहास में लगातार दो फाइनल खेलने वाली पहली भारतीय महिला बॉक्सर भी बनी थीं।

हांगझोउ का सिल्वर, अब गोल्ड में बदला

लवलीना के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले एशियन गेम्स में उन्हें गोल्ड के बेहद करीब पहुंचकर सिल्वर मिला था।

हांगझोउ में उन्होंने फाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन चीन की ली कियान ने उन्हें हराकर गोल्ड जीता था। उस समय लवलीना ने कहा था कि वह अगली बार मेडल का रंग बदलने की कोशिश करेंगी।

तीन साल बाद उन्होंने वही कर दिखाया।

अब उनके नाम एशियन गेम्स का गोल्ड भी है और वह भारतीय महिला बॉक्सिंग के उस खास क्लब में शामिल हो गई हैं, जिसमें उनसे पहले सिर्फ मैरी कॉम थीं।

भारत 12 गोल्ड के साथ छठे स्थान पर

लवलीना के गोल्ड ने एशियन गेम्स में भारत की पदक तालिका को भी मजबूत किया। 2 अक्टूबर के अपडेट के अनुसार भारत 12 गोल्ड, 24 सिल्वर और 34 ब्रॉन्ज समेत कुल 70 पदकों के साथ छठे स्थान पर पहुंच गया था।

भारत के लिए इस एशियन गेम्स में बॉक्सिंग का प्रदर्शन भी पिछले संस्करण के मुकाबले बेहतर रहा है। लवलीना के गोल्ड से पहले ही भारतीय बॉक्सरों ने इस बार छह पदक पक्के कर लिए थे, जबकि हांगझोउ में भारत को बॉक्सिंग में एक सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज समेत चार पदक मिले थे। 

Source: Nishaanebaz

Asian News Bharat
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)