Karn Sharma Retirement: कर्ण शर्मा ने 38 की उम्र में क्रिकेट से लिया संन्यास, 25 अगस्त को खेलेंगे आखिरी मैच

नई दिल्ली। भारतीय लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय और भारतीय घरेलू क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। 38 वर्षीय कर्ण ने 22 अगस्त को UP T20 League में कानपुर सुपरस्टार्स और मेरठ मावेरिक्स के बीच मुकाबले के बाद अपने फैसले की जानकारी दी। वह 25 अगस्त को लखनऊ लेग में कानपुर सुपरस्टार्स के लिए अपना आखिरी पेशेवर मैच खेलेंगे। संन्यास के बाद उन्होंने कोचिंग और क्रिकेट से जुड़ी अन्य जिम्मेदारियों के लिए उपलब्ध रहने की बात कही है।
तीनों फॉर्मेट में भारत का किया प्रतिनिधित्व
कर्ण शर्मा का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही छोटा रहा, लेकिन उनका डेब्यू कई यादगार मुकाबलों से जुड़ा रहा। उन्होंने 2014 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना T20I डेब्यू किया और जो रूट का विकेट हासिल किया। इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ वनडे डेब्यू उस मुकाबले में हुआ, जिसमें रोहित शर्मा ने 264 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। उसी साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड टेस्ट में उन्हें टेस्ट डेब्यू का मौका मिला, जहां उन्होंने मैच में चार विकेट चटकाए। इसके बाद वह दोबारा भारत के लिए नहीं खेल सके।
करीब दो दशक का घरेलू क्रिकेट करियर
कर्ण शर्मा ने 2007 में रेलवे के लिए फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से अपना घरेलू करियर शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने आंध्र और विदर्भ का भी प्रतिनिधित्व किया और बाद में रेलवे में वापसी की। घरेलू क्रिकेट में उनके नाम 97 फर्स्ट-क्लास मैचों में 270 विकेट हैं। उन्होंने बल्लेबाजी में भी 2,866 रन बनाए, जिसमें दो शतक शामिल हैं।
IPL में बनाया खास रिकॉर्ड
कर्ण शर्मा का नाम IPL के सफल खिलाड़ियों में भी लिया जाता है। उन्होंने अपने करियर में चार IPL खिताब जीते और खास बात यह रही कि 2016 से 2018 के बीच उन्होंने लगातार तीन अलग-अलग फ्रेंचाइजियों के साथ ट्रॉफी उठाई। 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद, 2017 में मुंबई इंडियंस और 2018 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ वह चैंपियन बने। यह उपलब्धि IPL इतिहास में उन्हें एक खास मुकाम देती है।
90 IPL मैचों में 83 विकेट
कर्ण शर्मा ने IPL में 90 मुकाबले खेले और 83 विकेट अपने नाम किए। उन्होंने कई टीमों के लिए खेलते हुए अपनी लेग स्पिन से अहम भूमिका निभाई। उनका आखिरी IPL मैच 2025 में मुंबई इंडियंस के लिए आया था। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपना सफर जारी रखा।
संन्यास के बाद कोचिंग पर ध्यान
अपने फैसले का ऐलान करते हुए कर्ण शर्मा ने परिवार, BCCI, रेलवे, UPCA, आंध्र और विदर्भ क्रिकेट संघ समेत अपने पूरे करियर में साथ देने वाले लोगों का आभार जताया। उन्होंने साफ किया कि क्रिकेट से पूरी तरह दूर होने के बजाय वह आगे कोचिंग और खेल से जुड़ी अन्य भूमिकाओं में योगदान देना चाहते हैं।
Source: Asian News Bharat


