कल्पना वर्मा ऊपर मेहरबान कौन? जांच रिपोर्ट मं 2 करोड़ से ज्यादा के लेन-देन के दावा, कार्रवाई अब तक लंबित
Kalpana Verma Investigation Report : रायपुर। निलंबित डीएसपी कल्पना वर्मा अउ कारोबारी दीपक टंडन के विवाद के मामला मं जांच रिपोर्ट सामने आय के बाद घलो कार्रवाई के रफ्तार ला लेके सवाल उठत हे। 14 जनवरी 2026 के 1,482 पन्ना के जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय भेजे जा चुके हे। आईजी अमरेश कुमार मिश्रा ले ये रिपोर्ट डीजीपी ला भेजे गे रहिस। रिपोर्ट मं गंभीर आरोप के जांच पूरा होय के बाद घलो कार्रवाई के प्रक्रिया काफी समय ले आगे नइ बढ़े हे। अब सवाल उठत हे कि आखिर एतका बड़े जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय मं कोन स्तर मं अटके हे।
जांच रिपोर्ट मं करोड़ों के लेन-देन के जिकर
जांच रिपोर्ट मं दीपक टंडन अउ कल्पना मिश्रा के बीच करीब दो करोड़ रुपिया के लेन-देन के जिकर करे गे हे। ए लेन-देन से जुड़े बैंक स्टेटमेंट के दस्तावेज घलो जांच रिपोर्ट मं शामिल बताए जात हें।
कल्पना वर्मा ला फरवरी 2026 मं निलंबित करे गे रहिस, फेर निलंबन के बाद आगे के कार्रवाई अब तक नइ बढ़ पाए हे। डीजीपी अरुणदेव गौतम ले कहे हे कि वो सब्बो विषय मं जवाब नइ दे सकें, जांच चलत हे। ज्यादा जानकारी जांच अधिकारी ले ले जा सकथे।
14 जनवरी के IG कार्यालय ले भेजे गे रहिस रिपोर्ट
पुलिस महानिरीक्षक के कार्यालय ले 14 जनवरी 2026 के पुलिस महानिदेशक ला विस्तृत जांच रिपोर्ट भेजे गे रहिस। ए जांच मं शिकायतकर्ता दीपक टंडन, उनके पत्नी बरखा टंडन, अनावेदिका कल्पना वर्मा, उनके पिता हेमंत वर्मा, भाई राकेश वर्मा, दादा-दादी अउ उप निरीक्षक उमेन्द्र मिश्रा के बयान ला आधार बनाए गे रहिस।
जांच के दौरान दोनों के बीच हुए WhatsApp चैट, बैंक खाता के वित्तीय विश्लेषण अउ दिए गे बहुमूल्य उपहार के घलो जांच करे गे रहिस। ए मं सोना, हीरा अउ नगद लेन-देन के जानकारी शामिल बताए गे हे।
विभागीय जांच मं का निष्कर्ष निकलिस
रिपोर्ट के मुताबिक, निजी संबंध के दौरान काम करवाय-कराय के नाम मं पैसा अउ उपहार के लेन-देन के बात सामने आईस। जांच रिपोर्ट मं ए ला वरिष्ठ अधिकारी के पद के गरिमा अउ विभागीय आचरण नियम के खिलाफ बताए गे हे।
ए मामला मं 1,482 पन्ना के मूल नस्ती यानी फाइल ला संलग्न करके अनुशासनात्मक कार्रवाई के अनुशंसा करे गे रहिस।
नगद लेन-देन के रकम करीब 1.53 करोड़
जांच रिपोर्ट के समरी मं DSP कल्पना वर्मा अउ उनके परिवार के लोगन ले जुड़े लेन-देन के रकम के घलो जिकर हे। रिपोर्ट मं करीब 1 करोड़ 53 लाख 68 हजार रुपिया के नगद लेन-देन बताए गे हे। अलग-अलग तारीख मं नगद रकम अउ बहन या रिश्तेदारमन ला पैसा देय के जानकारी शामिल हे।
ऑनलाइन अउ बैंक ट्रांसफर के माध्यम ले करीब 31 लाख रुपिया के लेन-देन के बात कही गे हे। ए रकम DSP कल्पना वर्मा के खाता अउ उनके पिता हेमंत वर्मा के खाता मं RTGS अउ PhonePe के माध्यम ले भेजे गे बताए गे हे।
एखर अलावा सोना, हीरा अउ दूसर सामान मं करीब 20 लाख 66 हजार रुपिया के लेन-देन बताए गे हे। ए मं आनंद ज्वैलर्स ले खरीदे गे सोना-हीरा के गहना, 2 डायमंड टॉप्स, 1 डायमंड रिंग, लैपटॉप अउ LED टीवी के जिकर हे।
रिपोर्ट मं दावा करे गे कुल रकम 2 करोड़ 5 लाख 34 हजार रुपिया बताई गे हे।
WhatsApp चैट मं संवेदनशील जानकारी के आरोप
दीपक टंडन ले कल्पना वर्मा ऊपर करोड़ों रुपिया के लेन-देन, महंगा गिफ्ट अउ गाड़ी लेय के समेत कई आरोप लगाए गे रहिस। शिकायतकर्ता पक्ष ले ए आरोप के समर्थन मं दस्तावेज अउ डिजिटल चैट उपलब्ध कराय के बात कही गे रहिस।
जांच के दौरान WhatsApp चैट ला घलो महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप मं देखे गे। ए चैट मं पुलिस अउ माओवादी क्षेत्र मं चलत ऑपरेशन ले जुड़ी संवेदनशील जानकारी के आदान-प्रदान के आरोप घलो सामने आय रहिस।
अगर किसी पुलिस अधिकारी ऊपर ऑपरेशनल या खुफिया जानकारी साझा करे जइसने गंभीर आरोप के जांच होय हे, त सवाल उठना स्वाभाविक हे कि जांच रिपोर्ट भेजे के बाद कार्रवाई मं एतका देरी काबर होवत हे।
पुलिस मुख्यालय के भूमिका ऊपर उठत सवाल
अब मामला पुलिस मुख्यालय के भूमिका ला लेके सवाल खड़ा करत हे। जांच रिपोर्ट मुख्यालय पहुंच चुके हे, त ओकर बाद फाइल कतका स्तर ले गुजरी, कोन अधिकारी के पास कतका समय तक रहिस, गृह विभाग ले कोनो आपत्ति या अतिरिक्त जानकारी मांगे गे रहिस या नइ, अउ जांच रिपोर्ट ऊपर कानूनी राय ली गे रहिस या नइ—ए सब बात के जानकारी सामने नइ आय हे।
ए मामला मं मूल रूप ले दू स्थिति हो सकथे। अगर जांच रिपोर्ट मं आरोप गंभीर अउ प्रमाणित पाए गे हें, त नियम के मुताबिक कार्रवाई होय के चाही। अउ अगर आरोप प्रमाणित नइ होय हें, त अधिकारी ला राहत मिलना चाही। फेर फाइल ला लंबे समय तक लंबित रखे जाना अपने आप मं सवाल खड़ा करत हे।
इही से अब ये सवाल घलो उठत हे कि का कल्पना वर्मा ला कोनो स्तर मं संरक्षण मिलत हे?
पद के दुरुपयोग के आरोप का मामला
अब ये मामला सरकारी सेवा नियम अउ सिविल सेवा आचरण ले जुड़ गे हे। कल्पना वर्मा ला फरवरी 2026 मं निलंबित करे गे रहिस। कारोबारी दीपक टंडन ले उनकर ऊपर करीब 2 करोड़ रुपिया लेय के आरोप लगाए गे हें।
हालांकि, कल्पना वर्मा इन आरोपमन ला साजिश बताइस हें। उनका कहना हे कि उनकर ऊपर लगाए गे आरोप बेबुनियाद हें। उनका मुताबिक, ये पूरा मामला उनके पिता अउ दीपक टंडन के बीच पुराने कारोबारी लेन-देन ले जुड़ा हे।
गाड़ी के संबंध मं कल्पना वर्मा के कहना हे कि वो गाड़ी ला कानूनी तरीका ले खरीदे हें अउ एखर कागज घलो उनके पास मौजूद हे।
फिलहाल 1,482 पन्ना के जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय पहुंच चुके के बावजूद कार्रवाई के अगला कदम का होही, ए ऊपर सबके नजर टिकी हे।



