झीरम घाटी हमला: फैसला के पहिली मुख्यमंत्री साय के बड़े बयान, भूपेश बघेल ऊपर साधिस निशाना
साय बोले- भूपेश बघेल 5 साल मुख्यमंत्री रहिन, तब कुछ करना रहिस; बघेल जांच ऊपर उठाइस सवाल
Jhiram Ghati Attack : रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हमला मामले मं एनआईए कोर्ट के फैसला अब 5 सितंबर ला आवे वाला हवय। फैसला के पहिली मामला ला लेके राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गे हवय। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह पलटवार करत बघेल के कार्यकाल ऊपर सवाल उठाए हें।
मुख्यमंत्री साय ह कहिन कि भूपेश बघेल पांच साल तक मुख्यमंत्री रहिन। ओ समय वो झीरम घटना के प्रमाण अपन जेब मं रखे के बात कहत रहिन। साय के कहना हवय कि खाली बात करे के बजाय बघेल ला मुख्यमंत्री रहते हुए कुछ ठोस कदम उठाय रहिस।
साय ह आगू कहिन कि झीरम घाटी हमला मं कांग्रेस पार्टी ह अपन कई बड़े नेता मन ला खोए हवय। अगर भूपेश बघेल ला घटना के जांच के सही मं चिंता रहितिस, त पांच साल के कार्यकाल मं वो जरूर कुछ न कुछ कदम उठातिन।
भूपेश बघेल ह NIA जांच ऊपर उठाइस सवाल
इही बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ह झीरम घाटी मामला के जांच ला लेके सवाल उठाए हें। बघेल के कहना हवय कि NIA ह झीरम घटना के जांच सही तरीका ले नइ करिस।
बघेल ह कहिन कि दरभा थाना मं जऊन FIR दर्ज करे गे रहिस, ओमं जऊन धाराएं लगाय गे रहिन अउ जऊन लोगन के नाम लिखाय गे रहिस, ओमन ले पूछताछ तक नइ करे गे।
घटनास्थल मं मौजूद लोगन ले भी पूछताछ नइ होय के दावा
भूपेश बघेल के मुताबिक, NIA ह घटना के बखत घटनास्थल मं मौजूद लोगन ले भी पूरा पूछताछ नइ करिस। हमला के पीछे कोन षड्यंत्र रहिस, ए दिशा मं जांच एजेंसी ह जरूरी कदम नइ उठाइस, ए आरोप भी बघेल ह लगाए हें।
बघेल ह कहिन कि कांग्रेस सरकार ह मामला के जांच राज्य सरकार ला सौंपे के मांग करे रहिस। सुप्रीम कोर्ट मं राज्य सरकार के पक्ष मं फैसला आय, फेर वर्तमान विष्णुदेव साय सरकार ह अब तक ना एसआईटी के गठन करिस अउ ना ही जांच के आदेश देय के बात सामने आई हवय। बघेल ह भाजपा ऊपर मामला ला दबाय के आरोप लगाए हें।
टीएस सिंहदेव ह भी सुरक्षा व्यवस्था ऊपर उठाइस सवाल
झीरम घाटी मामला ला लेके पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ह भी हमला के समय के सुरक्षा व्यवस्था ऊपर सवाल उठाए हें। सिंहदेव ह कहिन कि वो खुद झीरम घटना के प्रत्यक्षदर्शी रहिन अउ घटना के बाद जगदलपुर पहुंचके NIA के सामने अपन आंखों देखे घटना के बयान दर्ज कराए रहिन।
सिंहदेव के मुताबिक, हमला वाले दिन झीरम घाटी के इलाका मं पुलिस के मौजूदगी बहुत कम रहिस। घटना वाले रास्ता मं पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात नइ रहिस। सुरक्षा व्यवस्था समेत घटना ले जुड़े कई महत्वपूर्ण जानकारी वो जांच एजेंसी के सामने अपन बयान मं दे चुके हें।
अब 5 सितंबर ला एनआईए कोर्ट के फैसला आवे के इंतजार हवय। फैसला के पहिली झीरम घाटी हमला ला लेके राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गे हवय।



