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Jhiram Case High Court Appeal: झीरमकांड नक्सली हमला के 10 दोषियों की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा बचाव पक्ष, जानें अब आगे क्या होगा

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Jhiram Case High Court Appeal: झीरमकांड नक्सली हमला के 10 दोषियों की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा बचाव पक्ष, जानें अब आगे क्या होगा

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40031-jhiram-ghati-case-high-court-appeal-10-convicts-death-penalty Jhiram Case High Court Appeal: झीरमकांड नक्सली हमला के 10 दोषियों की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा बचाव पक्ष, जानें अब आगे क्या होगा

जगदलपुर। झीरम घाटी हत्याकांड मामले में 10 दोषियों को सुनाई गई मृत्युदंड की सजा को बचाव पक्ष ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अधिवक्ता अरविंद चौधरी ने दोषियों के परिजनों से चर्चा के बाद अपील दायर की है। अब हाईकोर्ट की ओर से नोटिस जारी होने की प्रक्रिया का इंतजार है।

जगदलपुर की विशेष NIA अदालत ने 16 सितंबर 2026 को मामले में दोषी ठहराए गए सभी 10 आरोपियों को मृत्युदंड सुनाया था। इससे पहले 5 सितंबर को अदालत ने सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। अदालत के आदेश के मुताबिक मृत्युदंड के फैसले की पुष्टि हाईकोर्ट द्वारा की जानी है और दोषियों को अपील के लिए 30 दिन का समय दिया गया था।

हाईकोर्ट में दाखिल हुई अपील

बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद चौधरी ने सभी दोषियों के परिजनों से बातचीत के बाद हाईकोर्ट का रुख किया है। अपील में NIA की विशेष अदालत के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी।

अब अगली महत्वपूर्ण प्रक्रिया हाईकोर्ट में होगी। बचाव पक्ष को अदालत की ओर से नोटिस जारी होने का इंतजार है।

10 दोषियों को सुनाई गई है मृत्युदंड की सजा

विशेष NIA अदालत ने जिन 10 दोषियों को मृत्युदंड सुनाया, उनमें प्रमिला मोडियाम, सुमित्रा पुनेम, मुक्का मांडवी, मड़कामी देवा, कोसा कवासी, आयत मरकाम, बंजामी सेना, चैतू लेकाम, जोगा मड़कामी और महादेव नागा के नाम शामिल हैं। सभी आरोपी वर्तमान में जेल में बंद हैं।

11 आरोपियों के खिलाफ चली थी सुनवाई

इस मामले में शुरुआत में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई हुई थी। ट्रायल के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई, जिसके बाद शेष 10 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी रही।

मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।

13 साल बाद आया था अदालत का फैसला

झीरम घाटी कांड 25 मई 2013 को हुआ था। उस दिन कांग्रेस की ‘परिवर्तन यात्रा’ का काफिला सुकमा के दरभा क्षेत्र से गुजर रहा था। झीरम घाटी में माओवादियों ने काफिले पर हमला किया था।

NIA से जुड़े रिकॉर्ड और उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक हमले में 29 लोगों की मौत हुई और 38 लोग घायल हुए थे। इस हमले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कई बड़े नेता भी मारे गए थे।

झीरम हमले में इन प्रमुख नेताओं की हुई थी मौत

हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं बस्तर के वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा और पूर्व विधायक उदय मुदलियार,विधायक योगेंद्र शर्मा सहित कई लोग मारे गए थे।

झीरम घाटी हमला छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित और लंबे समय तक चले आपराधिक मामलों में रहा है। अब NIA अदालत के फैसले के बाद बचाव पक्ष की हाईकोर्ट अपील से मामले की न्यायिक प्रक्रिया एक नए चरण में पहुंच गई है।

अब हाईकोर्ट में अपील की सुनवाई और मृत्युदंड की पुष्टि से जुड़ी न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। विशेष अदालत के आदेश के अनुसार मृत्युदंड का निष्पादन हाईकोर्ट की पुष्टि के बिना नहीं किया जा सकता।

Source: Nishaanebaz

Nishaanebaz
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Nishaanebaz
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